राजस्थान के पर्यटन नक्शे पर इस साल बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। साल 2026 की पहली छमाही (जनवरी से जून) के दौरान प्रदेश में कुल 10,92,23,546 पर्यटक यात्राएं दर्ज की गईं। पर्यटन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इनमें 10,83,78,926 घरेलू और 8,44,620 विदेशी सैलानी शामिल रहे। सबसे चौंकाने वाला बदलाव घरेलू पर्यटन में आया है, जहां धार्मिक स्थलों के उभार ने पारंपरिक शहरों की तस्वीर बदल दी है।
सीकर बना घरेलू पर्यटकों की पहली पसंद
राज्य में इस अवधि के दौरान घरेलू पर्यटन के मामले में सीकर जिला सबसे आगे रहा। सीकर में 1,56,18,987 घरेलू पर्यटक यात्राएं दर्ज हुईं, जिसने पारंपरिक रूप से आगे रहने वाले जयपुर को पीछे छोड़ दिया। इस बढ़ोतरी के पीछे खाटूश्यामजी आने वाले श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या मुख्य वजह रही है।
सीकर के बाद चित्तौड़गढ़ 1,34,31,048 यात्राओं के साथ दूसरे और जैसलमेर 1,18,04,505 यात्राओं के साथ तीसरे स्थान पर रहा। इसके अलावा अजमेर में 99.28 लाख और jaipur news के केंद्र जयपुर में 81,49,212 घरेलू सैलानी पहुंचे। करौली, सवाई माधोपुर, सिरोही, उदयपुर और चूरू भी प्रमुख घरेलू पर्यटन जिलों में शामिल रहे। चित्तौड़गढ़ की ऐतिहासिक विरासत, जैसलमेर का डेजर्ट टूरिज्म और सवाई माधोपुर का वाइल्डलाइफ टूरिज्म सैलानियों को लगातार आकर्षित कर रहा है।
विदेशी पर्यटकों के लिए अभी भी जयपुर शीर्ष पर
घरेलू सैलानियों की पसंद भले ही बदल रही हो, लेकिन विदेशी पर्यटकों के मामले में पारंपरिक हेरिटेज शहरों का दबदबा कायम है। जयपुर 2,56,293 विदेशी पर्यटकों के साथ इस सूची में सबसे ऊपर है।
उदयपुर में 1,84,045, जोधपुर में 82,846 और जैसलमेर में 66,433 विदेशी सैलानी पहुंचे। इनके अलावा सवाई माधोपुर, अजमेर, दौसा, पाली, झुंझुनूं और बीकानेर भी विदेशी मेहमानों की पसंद में शामिल रहे। इससे स्पष्ट है कि विदेशी पर्यटक अभी भी राजस्थान के ऐतिहासिक किलों और महलों के इर्द-गिर्द घूम रहे हैं।
छोटे शहरों में बढ़ा पर्यटन का दायरा
आंकड़े बताते हैं कि राजस्थान का पर्यटन अब केवल कुछ गिने-चुने बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहा है। सीकर और करौली में धार्मिक पर्यटन ने एक नया सर्किट तैयार किया है, जिससे स्थानीय स्तर पर होटल, रेस्टोरेंट, परिवहन और हस्तशिल्प उद्योगों को बढ़ावा मिल रहा है। पर्यटन विभाग के सामने अब मुख्य चुनौती पर्यटकों के ठहराव (डिस्टेंस स्टे) को बढ़ाने और नए सर्किट्स में बुनियादी सुविधाएं मजबूत करने की है।
