खंडवा जिले के पुनासा स्थित नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-28 में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। इंदौर लोकायुक्त पुलिस की टीम ने बुधवार को यहां पदस्थ उपयंत्री अशोक गौतम को 14 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। आरोपी उपयंत्री ने यह रकम एक ठेकेदार से उसके लंबित बिल के भुगतान और सिक्योरिटी डिपॉजिट वापस करने के एवज में मांगी थी।
इस कार्रवाई के बाद से नर्मदा विकास संभाग के कार्यालय में प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा हुआ है। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है और आगे की पूछताछ जारी है।
ऐसे बिछाया गया ट्रैप
लोकायुक्त इंदौर कार्यालय में एक स्थानीय ठेकेदार ने शिकायत दर्ज कराई थी कि पुनासा संभाग में उसके कार्यों के बिल का भुगतान और सिक्योरिटी डिपॉजिट लौटाने के बदले उपयंत्री अशोक गौतम 55 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा है। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने नियमों के तहत इसका सत्यापन कराया, जिसमें मामला सही पाया गया।
सत्यापन के बाद डीएसपी स्तर के अधिकारी के मार्गदर्शन में एक योजना तैयार की गई। निर्धारित योजना के अनुसार ठेकेदार बुधवार को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 14 हजार रुपए लेकर उपयंत्री के पास पहुंचा। जैसे ही अशोक गौतम ने यह रकम अपने हाथ में ली, आसपास मौजूद लोकायुक्त टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की यह रकम उपयंत्री के कब्जे से बरामद कर ली गई।
अन्य कर्मचारियों की भूमिका पर भी नजर
लोकायुक्त पुलिस अब इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही है कि इस पूरी अवैध वसूली में संभाग के किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता थी या नहीं। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि ठेकेदार का भुगतान काफी समय से लटका हुआ था, जिसका फायदा उठाकर रिश्वत की मांग की गई थी।
कार्रवाई के बाद पुलिस ने आरोपी उपयंत्री को हिरासत में ले लिया है और उसके दफ्तर तथा अन्य ठिकानों से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
