राजस्थान में कैंसर मरीजों के लिए बड़ा फैसला, RGHS में शामिल हुई सीएआर-टी सेल थेरेपी
राजस्थान सरकार ने राज्य कर्मचारियों, पेंशनर्स और उनके आश्रित परिवारों के लिए कैंसर उपचार से जुड़ा अहम फैसला लिया है। सरकार ने सीएआर-टी सेल थेरेपी (CAR-T Cell Therapy) को राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम यानी RGHS के अनुमत पैकेज में शामिल किया है। RGHS की आधिकारिक वेबसाइट पर 6 जून 2026 के आदेश के तहत नई ऑन्कोलॉजी गाइडलाइंस जारी होने की पुष्टि होती है।
सीएआर-टी सेल थेरेपी एक आधुनिक इम्यूनोथेरेपी है, जिसमें मरीज की अपनी टी-सेल्स को प्रयोगशाला में संशोधित करके कैंसर कोशिकाओं को पहचानने और नष्ट करने के लिए तैयार किया जाता है। इसका इस्तेमाल खास तौर पर कुछ प्रकार के रक्त कैंसर के मामलों में किया जाता है।
RGHS के तहत सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में पात्र लाभार्थियों को कैशलेस उपचार की सुविधा मिलती है। योजना में अस्पतालों में इलाज निर्धारित नियमों और पैकेज दरों के आधार पर उपलब्ध कराया जाता है।
हालांकि, सीएआर-टी सेल थेरेपी हर कैंसर मरीज के लिए उपयुक्त नहीं होती। इसका लाभ बीमारी के प्रकार, मरीज की स्थिति और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह के आधार पर मिलेगा। इलाज से पहले RGHS के नियमों के मुताबिक आवश्यक स्वीकृति और अस्पताल की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसलिए लाभार्थियों को अपने RGHS-empanelled अस्पताल और संबंधित विशेषज्ञ से पात्रता व प्रक्रिया की पुष्टि करनी चाहिए।
इस फैसले से गंभीर कैंसर से जूझ रहे सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को महंगे आधुनिक उपचार तक पहुंच मिलने की उम्मीद है।
