भारत और नेपाल के बीच पर्यटन संबंधों को बढ़ावा देने और व्यावसायिक साझेदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित तीन दिवसीय 'नेपाल-भारत क्रॉस-बॉर्डर टूरिज्म कनेक्ट 2026' का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। गैरआवासीय नेपाली संघ (NRNA) अंतरराष्ट्रीय समन्वय परिषद (ICC) और समृद्ध चितवन अभियान के संयुक्त तत्वावधान में 25 से 27 अक्टूबर तक चले इस आयोजन के दौरान दोनों देशों के पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए 'नेपाल-भारत पर्यटन परिषद' (NBTC) की स्थापना की ऐतिहासिक घोषणा की गई।
बेलहिया-सुनौली सीमा पर हुआ भव्य स्वागत
"Connecting Borders, Building Friendships, Growing Tourism" के मूल नारे के साथ आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत रूपन्देही के बेलहिया-सुनौली सीमा नाके पर भारतीय प्रतिनिधिमंडल के औपचारिक स्वागत के साथ हुई। लुम्बिनी प्रदेश पर्यटन प्रवर्द्धन परिषद की कार्यकारी निदेशक शारदा बस्याल बेलबासे, ट्रैवल ट्रेड वेलफेयर एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष राजेश सिन्हा, इंडो-नेपाल टूरिज्म वेलफेयर सोसाइटी के प्रतिनिधि डॉ. के.पी. सिंह और NRNA ICC के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रोबिन प्रसाद शेर्चन की उपस्थिति में रिबन काटकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया।
उद्घाटन के बाद भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने रामग्राम के ऐतिहासिक स्थलों, अमलटारी की थारू संस्कृति, मौलाकालिका के धार्मिक पर्यटन, सौराहा की जंगल सफारी और मेघौली व नवलपुर की प्राकृतिक खूबसूरती का प्रत्यक्ष जायजा लिया। इस दौरान ग्रीनवेज ट्रैवल्स, एसएमएच हॉलिडेज, सुविधा ट्रैवल्स, इजीटाइम टू ट्रैवल और गो ट्रैवल गुरु सहित भारत की दो दर्जन से अधिक प्रतिष्ठित ट्रैवल व टूर कंपनियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
B2B बैठकों और व्यावसायिक संवाद का दौर
चितवन और आसपास के क्षेत्रों में नेपाली होटल संचालकों और भारतीय टूर ऑपरेटरों के बीच कई दौर की बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) बैठकें हुईं। इन बैठकों में नेपाल के पर्यटन गंतव्यों को भारतीय बाजार से जोड़ने, साझा टूर पैकेज तैयार करने और नियमित व्यावसायिक संपर्क बनाए रखने पर विमर्श किया गया।
लाटौली रिसॉर्ट में आयोजित समापन समारोह के मुख्य अतिथि बागमती प्रदेश सरकार के उद्योग, पर्यटन, श्रम तथा यातायात मंत्री राजेन्द्र प्रजापति थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता NRNA ICC के प्रवक्ता और पर्यटन प्रवर्द्धन समिति के अध्यक्ष सोम नाथ सापकोटा ने की। इस अवसर पर प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया और भारतीय दल ने आयोजकों को स्मृति-चिह्न भेंट किए।
नेपाल-भारत पर्यटन परिषद के गठन की घोषणा
दौर के अंतिम चरण में दोनों देशों के बीच पर्यटन सहयोग को दीर्घकालीन संस्थागत स्वरूप देने के लिए 'नेपाल-भारत पर्यटन परिषद' (NBTC) का गठन करने का निर्णय लिया गया। प्रस्तावित परिषद में दोनों देशों के पर्यटन विशेषज्ञ, ट्रैवल ऑपरेटर, होटल संचालक और आतिथ्य क्षेत्र के प्रतिनिधि शामिल होंगे। “Connecting Destinations. Creating Partnerships. Growing Tourism.” के ध्येय वाक्य के साथ यह परिषद संयुक्त प्रचार-प्रसार और नेटवर्किंग कार्यक्रमों को आगे बढ़ाएगी।
आयोजकों ने स्पष्ट किया कि यह पूरा आयोजन पूरी तरह निजी क्षेत्र और पर्यटन व्यवसायियों के स्वैच्छिक सहयोग से संचालित किया गया, जिसके लिए किसी भी प्रकार की सरकारी आर्थिक सहायता नहीं ली गई। मुख्य कार्यक्रमों के बाद 28 अक्टूबर को नवलपुर में एक अतिरिक्त संवाद सत्र आयोजित किया गया, जिसके बाद भारतीय प्रतिनिधिमंडल को भैरहवा के टाइगर पैलेस रिसॉर्ट के अवलोकन के साथ विदाई दी गई।
