पंजाब में ड्रग्स के मुद्दे पर राज्य की सियासत गरमाई हुई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' के जरिए राज्य सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है, तो वहीं कांग्रेस नेता चरणजीत सिंह चन्नी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की प्रशासनिक क्षमता पर सवाल खड़े किए हैं। इस बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तलवंडी साबो पहुंचकर नशे से प्रभावित परिवारों से मुलाकात की है।
4000 किमी की यात्रा और बठिंडा में तीखे तेवर
BJP की 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' चार चरणों में राज्य के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों को कवर कर रही है। करीब 4,000 किलोमीटर की यह यात्रा पंजाब में ड्रग्स के खिलाफ जनजागरण का दावा कर रही है। बठिंडा में यात्रा के दौरान BJP पंजाब प्रभारी सतीश पूनिया ने मान सरकार के कामकाज और नशे की रोकथाम को लेकर सवाल उठाए।
पूनिया ने कहा- "पार्टी ड्रग्स के खिलाफ पक्के इरादे के साथ मार्च कर रही है।"
BJP नेताओं का आरोप है कि मौजूदा सरकार इस संकट से निपटने में पूरी तरह असरदार साबित नहीं हुई है। हालांकि पार्टी इस पूरी कवायद को सामाजिक अभियान बता रही है, लेकिन सियासी गलियारों में इसे चुनावी तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है। इसी सिलसिले में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पंजाब BJP अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के साथ तलवंडी साबो का दौरा किया और सीधे तौर पर प्रभावित परिवारों से मिलकर उनका हाल जाना।
चन्नी का तंज- मंच चलाना और सरकार चलाना अलग बात
कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने भी मान सरकार पर तीखा हमला बोला है। चन्नी का कहना है कि ड्रग्स के खिलाफ प्रभावी जंग लड़ने के लिए मजबूत इच्छाशक्ति, माफिया से लोहा लेने का माद्दा और प्रशासनिक दक्षता जरूरी है, जो मौजूदा मुख्यमंत्री में नहीं है।
चन्नी ने कहा- "मुख्यमंत्री मंच पर बेहतर परफॉर्मेंस दे सकते हैं, लेकिन एक पूरा राज्य चलाने के लिए अलग तरह के प्रशासनिक कौशल की आवश्यकता होती है।"
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल लगातार यह आरोप लगा रहे हैं कि प्रशासनिक सुस्ती की वजह से राज्य में नशे का नेटवर्क कमजोर होने के बजाय और फैल रहा है।
सरकार का पलटवार और 'युद्ध नशों विरुद्ध' अभियान
विपक्ष के इन हमलों के बीच भगवंत मान सरकार ने अपनी कार्रवाई का बचाव किया है। सरकार का पक्ष है कि ड्रग्स के खिलाफ जमीनी स्तर पर सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हाल ही में 'युद्ध नशों विरुद्ध' अभियान की उच्च स्तरीय समीक्षा की थी। इस बैठक में पुलिस अधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि ड्रग्स के बड़े सप्लायरों और तस्करों के खिलाफ कार्रवाई को और तेज किया जाए, ताकि सप्लाई चेन को पूरी तरह तोड़ा जा सके।
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