राजस्थान के एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों को जल्द ही कम दाम पर भोजन और चाय-नाश्ता मिल सकेगा। पंचायती राज विभाग ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के क्षेत्रीय अधिकारी को पत्र लिखकर एक्सप्रेसवे के विश्राम स्थलों पर 'श्री अन्नपूर्णा रसोई' (ग्रामीण) शुरू करने का प्रस्ताव भेजा है।
इस पहल का उद्देश्य लंबी दूरी के चालकों को रियायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना है, ताकि थकान या भूख के कारण होने वाली असावधानी से बचा जा सके।
6-ई आधारित सड़क सुरक्षा रणनीति
प्रदेश में सड़क हादसों पर लगाम कसने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों पर विशेष कार्य योजना चलाई जा रही है। इसके तहत शिक्षा, इंजीनियरिंग, प्रवर्तन, आपातकालीन देखभाल, मूल्यांकन और सहभागिता यानी '6-ई' मॉडल के आधार पर अलग-अलग विभाग मिलकर काम कर रहे हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, एक्सप्रेसवे के रेस्ट एरिया में रियायती दर पर खानपान की सुविधा मिलने से चालकों को लंबी यात्रा के दौरान गाड़ी रोकने और विश्राम करने के लिए बेहतर विकल्प मिलेंगे।
अब NHAI करेगा तकनीकी परीक्षण
पंचायती राज विभाग के पत्र के बाद अब एनएचएआई के स्तर पर एक्सप्रेसवे के रेस्ट एरिया और ढांचों का तकनीकी परीक्षण किया जाएगा। प्राधिकरण इस बात का आकलन कर रहा है कि इन स्थानों पर रसोई के संचालन के लिए कितनी जगह उपलब्ध है और सुरक्षा के क्या मानक अपनाए जाने हैं। परीक्षण पूरा होने के बाद एनएचएआई अपनी रिपोर्ट और विस्तृत प्रस्ताव पंचायती राज विभाग को सौपेगा, जिसके आधार पर आगे की रूपरेखा तय होगी।
