रणथंभौर टाइगर रिजर्व में रविवार सुबह सफारी पर आए पर्यटकों को एक खास नजारा देखने को मिला। करीब साढ़े चार साल की बाघिन T-2403 अपने तीन शावकों के साथ जोन-8 में विचरण करती हुई नजर आई। अचानक बाघिन को शावकों के साथ खुले में देखकर पर्यटक रोमांचित हो उठे। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शावकों की वास्तविक संख्या की पुष्टि के लिए कैमरा ट्रैप के रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
फील्ड टीम लगातार रख रही थी नजर
रणथंभौर टाइगर रिजर्व के डीएफओ मानस सिंह ने बताया कि वन विभाग की फील्ड टीम लंबे समय से बाघिन T-2403 की गतिविधियों और उसके मूवमेंट पर लगातार नजर बनाए हुए थी। इसी मॉनिटरिंग के दौरान रविवार को यह साइटिंग सामने आई।
विभाग की टीमें अब बाघिन और उसके शावकों की सुरक्षा पुख्ता करने के लिए उनके प्राकृतिक रास्तों और हरकतों पर पैनी नजर रख रही हैं। अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वन्यजीवों के इस प्राकृतिक विचरण में किसी भी प्रकार का मानवीय व्यवधान न आए।
पर्यटकों के लिए यादगार बनी सफारी
जोन-8 में सुबह की सफारी के दौरान बाघिन और उसके शावकों को स्वच्छंद घूमते देखना पर्यटकों के लिए किसी रोमांचक अनुभव से कम नहीं था। इस सुहानी साइटिंग के बाद से पार्क में आने वाले वन्यजीव प्रेमियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। जानकारों का मानना है कि इस तरह की साइटिंग से रणथंभौर में वाइल्डलाइफ टूरिज्म का आकर्षण और अधिक मजबूत हुआ है।
वन विभाग की अपील
वन विभाग ने पार्क में आने वाले सभी पर्यटकों और सफारी जिप्सियों के चालकों के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने अपील की है कि पर्यटक वन्यजीवों से एक सुरक्षित दूरी बनाकर रखें और उनके नैसर्गिक व्यवहार में किसी भी तरह की दखलअंदाजी न करें।
अधिकारियों का कहना है कि बाघों और अन्य वन्यजीवों का संरक्षण पहली प्राथमिकता है। सुरक्षित पर्यटन को बढ़ावा देते हुए इनके प्राकृतिक आवास को महफूज रखना हर किसी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
