जयपुर के सरकारी स्कूलों में अगले तीन वर्षों में बुनियादी ढांचे और डिजिटल शिक्षा के विस्तार पर 12 हजार 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। तकनीकी सर्वे के आधार पर तैयार इस रोडमैप के तहत प्रदेशभर के सभी 41 जिलों में स्कूल भवन, नए कक्षा-कक्ष और आईसीटी लैब स्थापित करने का काम शुरू कर दिया गया है। राज्य सरकार के इन प्रयासों के बाद पिछले पांच वर्षों में पहली बार राजकीय विद्यालयों का कुल नामांकन 73 लाख 13 हजार के आंकड़े को पार कर गया है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर पर खर्च में बड़ा इजाफा
शिक्षा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, वर्तमान सरकार ने अपने ढाई साल के कार्यकाल में ही विद्यालय भवन और अतिरिक्त कक्षों के निर्माण पर 2 हजार 723 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च कर दी है। इसके मुकाबले पिछली सरकार ने अपने पूरे पांच साल के कार्यकाल में इस मद में 2 हजार 287 करोड़ रुपये ही खर्च किए थे।
तैयार रोडमैप के तहत आने वाले समय में 3 हजार 587 नए विद्यालय भवनों पर लगभग 2 हजार 487 करोड़ रुपये और 83 हजार 783 नवीन कक्षा-कक्षों पर 8 हजार 378 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होंगे। इसके अलावा 22 हजार 589 स्कूलों में मेजर रिपेयर के लिए 1 हजार 129 करोड़ रुपये और 13 हजार 616 नए शौचालय परिसरों के निर्माण के लिए 340 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जर्जर भवनों को दुरुस्त करने के लिए 757 करोड़ रुपये की लागत से 7 हजार 945 अतिरिक्त कक्षा-कक्ष भी बनाए गए हैं।
डिजिटल शिक्षा और टैबलेट वितरण
डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 107 करोड़ रुपये की लागत से 9 हजार स्मार्ट क्लास और 880 करोड़ रुपये की लागत से 7 हजार आईसीटी लैब स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से 80 हजार और टैबलेट वितरित किए जाएंगे।
सरकार ने अपने ढाई साल के कार्यकाल में अब तक 88 हजार 724 मेधावी विद्यार्थियों को इंटरनेट कनेक्शन के साथ निःशुल्क टैबलेट बांटे हैं। इसके साथ ही आरटीई (शिक्षा का अधिकार अधिनियम) के तहत निजी विद्यालयों को कुल 2 हजार 146 करोड़ रुपये से अधिक का पुनर्भरण किया गया है। सत्र 2025-26 में 2.37 लाख और सत्र 2026-27 में 4.39 लाख बच्चों को आरटीई के जरिए मुफ्त प्रवेश दिया गया है। बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए अब तक 13 लाख 85 हजार से अधिक साइकिलें वितरित की जा चुकी हैं, जबकि दिव्यांग बच्चों को 19 हजार 766 सहायक उपकरण दिए गए हैं।
समय पर किताबें और बंपर नियुक्तियां
कोविड के बाद से सरकारी स्कूलों के घटते नामांकन में इस बार बड़ा बदलाव दर्ज किया गया है। 1 अप्रैल से नए सत्र की शुरुआत और समय पर किताबें उपलब्ध कराने की व्यवस्था से नामांकन 73 लाख के पार पहुंचा है। नए सत्र की शुरुआत के साथ ही छात्रों को 4.42 करोड़ पाठ्यपुस्तकों का वितरण भी पूरा किया जा चुका है।
इसके अलावा शिक्षा विभाग में 48 हजार 465 नई नियुक्तियां और 66 हजार 47 पदोन्नतियां की गई हैं, जबकि पिछली सरकार के पूरे कार्यकाल में 58 हजार 339 पदोन्नतियां ही हुई थीं। स्कूलों में व्यवस्था सुधारने के लिए 19 हजार सहायक कर्मचारी भी लगाए गए हैं, और पिछले दो महीनों में बेसिक कंप्यूटर अनुदेशक, प्रयोगशाला सहायक व कनिष्ठ सहायक संवर्ग के 83 मामलों का निस्तारण किया गया है।
