अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में सोमवार दोपहर कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की गला घोंटकर हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद नागौर सांसद और आरएलपी के राष्ट्रीय संयोजक हनुमान बेनीवाल ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है।
एक ही बैरक में बंद था हत्यारोपी जेल सूत्रों के अनुसार, जगन गुर्जर की हत्या का आरोप भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी पर है। दोनों हार्डकोर बंदी एक ही बैरक में बंद थे। वारदात की सूचना मिलते ही जेल प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। फिलहाल पूरे जेल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
जेल प्रशासन की भूमिका पर सवाल सांसद हनुमान बेनीवाल ने सोशल मीडिया के जरिए इस घटना को जेल प्रशासन की गंभीर लापरवाही बताया है। उन्होंने कहा- "राजस्थान की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली जेल में इस तरह की घटना होना सुरक्षा तंत्र पर बड़ा प्रश्नचिह्न है। इसमें जेल प्रशासन की मिलीभगत या किसी गहरी साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।"
जेलों से चल रहे अपराध का नेटवर्क बेनीवाल ने प्रदेश की जेलों की स्थिति पर चिंता जताते हुए आरोप लगाया कि हार्डकोर अपराधी जेलों के भीतर से अपना नेटवर्क चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में जेलों से व्यापारियों को रंगदारी के लिए धमकियां मिलने और नशे के कारोबार के मामले लगातार सामने आए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा कि इस हत्याकांड के पीछे के षड्यंत्र और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका का पर्दाफाश होना आवश्यक है।
