सीकर की शेखावाटी यूनिवर्सिटी के गेट पर चल रहे धरने में पहुंचे पूर्व मंत्री डॉ. राजकुमार शर्मा ने केंद्र व प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। पूर्व मंत्री डॉ. शर्मा ने कहा कि गत कांग्रेस सरकार के समय तत्कालीन CM अशोक गहलोत से विधानसभा में कहा था कि छात्रसंघ चुनाव होने चाहिए, लेकिन तब आचार संहिता लग गई। कांग्रेस से गलती हुई तो युवाओं की नाराजगी ने उसका परिणाम कांग्रेस को दे दिया। अब भाजपा को तो ये गलती नहीं करनी चाहिए। छात्रों को इस राज में आमरण नहीं करने चाहिए, क्योंकि प्रदेश की भजनलाल सरकार में स्टूडेंट्स की जान की कोई कीमत नहीं है।
पूर्व मंत्री डॉ. शर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय भी छात्रसंघ चुनाव बहाली के लिए NSUI ने प्रदर्शन किए थे। भाजपा को अब युवाओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए चुनाव करवाने चाहिए, ताकि युवा नेतृत्व आगे आए। आज आम जनता आंदोलन कर रही है। जो कहते थे कि उनके राज में इस्तीफे नहीं होते, उन्हें घुटने टेकने पड़े। शेखावाटी यूनिवर्सिटी के गेट पर छात्र संगठन NSUI के अनिश्चितकालीन धरने के चौथे दिन आज जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश नागा के नेतृत्व में सद्बुद्धि यज्ञ किया गया है।
पूर्व मंत्री डॉ. शर्मा ने कहा कि शेखावाटी यूनिवर्सिटी के कैंपस के लिए खूब बजट अलॉट हुआ और शानदार भवन बनकर तैयार हुआ। लेकिन आज भी यूनिवर्सिटी के अंदर एजुकेशन का स्तर अभी तक सुधरा नहीं है। आने वाले समय में इसे बेहतर बनाएंगे, ताकि शेखावाटी की यूनिवर्सिटी का नाम पूरे देश-प्रदेश में हो। प्रदेश सरकार घोषणा पत्र के छात्रसंघ चुनाव बहाली के मुद्दे को 3 साल बाद भी पूरा नहीं कर पाई है।
पूर्व मंत्री डॉ. शर्मा ने कहा कि पूरे देश में स्टूडेंट्स अब पॉलिटिकल पार्टियों से ऊपर उठकर आंदोलन कर रहे हैं, जिनके पॉजिटिव रिजल्ट दिख रहे हैं। स्टूडेंट्स की मांगे वाजिब हैं, सरकार को छात्रसंघ चुनाव करवाने चाहिए। राजस्थान विधानसभा में स्टूडेंट्स पॉलिटिक्स से निकले 20-30 विधायक और मंत्री रहे हैं। अगर स्टूडेंट्स के लोकतांत्रिक प्रदर्शन को नहीं माना तो ये स्टूडेंट्स यूनिवर्सिटी में घुसेंगे तब इनकी मांगों को सुनना ही पड़ेगा, इसलिए समय रहते वाजिब मांगें पूरी करनी चाहिए।
पूर्व मंत्री डॉ. शर्मा ने कहा कि भाजपा के सांसदों की भाषा से साफ दिखता है कि केंद्र व प्रदेश की डबल इंजन सरकारें अहंकारी हो गई हैं। जब राजस्थान में भीषण गर्मी का नौतपा चल रहा था तब शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी किसानों के साथ आंदोलन कर रहे थे, सरकार व प्रशासन ने उनकी बात नहीं सुनी तो उन्हें मजबूरन खुद पर पेट्रोल छिड़कना पड़ा। हालांकि इस कदम का समर्थन इसलिए नहीं है क्योंकि ये वो सरकार है जहां संसद में रक्षा मंत्री पहले तो ऑपरेशन सिंदूर में जवानों की शहादत से इंकार करते हैं, फिर 6 महीने बाद कहते हैं कि ऑपरेशन सिंदूर में 6 शहीद हुए थे। केंद्र सरकार शहीदों के नाम पर भी झूठ बोलने से नहीं बचते, इनका इतिहास झूठ बोलने का रहा है।
पूर्व मंत्री डॉ. शर्मा ने कहा कि NSUI पूरे प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग कर रहा है। शेखावाटी यूनिवर्सिटी के गेट पर भी NSUI के कार्यकर्त्ता बारिश में भी रात-रातभर धरना दे रहे हैं। छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग के साथ ही फीस वृद्धि रोकने, हॉस्टल व लाइब्रेरी शुरू करने की मांग की जा रही है। शेखावाटी यूनिवर्सिटी के लिए 1997-98 में संघर्ष शुरू किया था। लेकिन अब यहां छात्रों पर कुठराघात किया जा रहा है। यहां के VC को कांग्रेस-बीजेपी ना करके स्टूडेंट्स की सुनवाई करनी चाहिए। इस मौके पर इकाई अध्यक्ष मुकेश तारपुरा, प्रदेश सचिव प्रशांत बाजाैर, प्रवीण सुंडा, नितीन मीणा, पूजा, प्रियंका, अभिलाष रोहिला, पवन सैनी आदि मौजूद थे।
