अजमेर नगर निगम के 80 वार्डों और जिले के 8 अन्य स्थानीय निकायों के लिए आरक्षण की लॉटरी सोमवार को जवाहर रंगमंच पर निकाली गई। जिला कलक्टर लोकबंधु की मौजूदगी में हुई इस प्रक्रिया के बाद कई पूर्व पार्षदों और सियासी दिग्गजों का समीकरण बदल गया है। नगर निगम के कुल 80 वार्डों में से अनुसूचित जाति (SC) के लिए 20, अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए 2, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए 16 और सामान्य वर्ग (अनारक्षित) के लिए 42 वार्ड तय किए गए हैं।

महापौर का पद इस बार अनारक्षित महिला श्रेणी के लिए आरक्षित किया गया है। निगम के 80 वार्डों में से कुल 28 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं, जिनमें विभिन्न श्रेणियों की महिला उम्मीदवार चुनाव लड़ सकेंगी। नई लॉटरी प्रक्रिया के बाद वार्डों की भौगोलिक स्थिति और आरक्षण बदलने से दोनों प्रमुख दलों—भाजपा और कांग्रेस—के कई दावेदारों को अब नए सिरे से अपनी जमीन तलाशनी होगी।

वार्डों का नया आरक्षण और राजनीतिक समीकरण

आरक्षण सूची के मुताबिक, वार्ड संख्या 3, 5, 11, 12, 16, 32, 39, 57, 59, 64, 69, 70, 72 और 74 को सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। इन वार्डों से महिला दावेदारों की सक्रियता अचानक बढ़ गई है। टिकट वितरण को लेकर अब दोनों दलों में मंथन शुरू हो गया है कि मौजूदा पार्षदों के परिजनों को मैदान में उतारा जाए या नए चेहरों पर दांव खेला जाए।

निगम चुनाव के इतिहास पर नजर डालें तो साल 2015 के चुनावों में पार्षदों की संख्या 60 थी। बाद में हुए नए परिसीमन के बाद 20 नए वार्ड जोड़े गए, जिससे कुल संख्या बढ़कर 80 हो गई। पिछले चुनावों में भी परिसीमन के चलते कई दिग्गजों को अपने पारंपरिक वार्ड छोड़कर नए इलाकों का रुख करना पड़ा था, और इस बार भी लॉटरी के बाद वैसी ही हलचल राजनीतिक गलियारों में दिख रही है।

जिले के 8 अन्य निकायों में भी बदली तस्वीर

नगर निगम के अलावा जिले के अन्य प्रशासनिक निकायों में भी आरक्षण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इनमें पुष्कर और किशनगढ़ नगर परिषद के साथ-साथ केकड़ी, नसीराबाद, सरवाड़, सावर, पीसांगन और टांटोटी नगर पालिका शामिल हैं। इन सभी जगहों पर वार्डों की नई स्थिति स्पष्ट होने के बाद संभावित प्रत्याशियों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रशासन अब चुनाव की आगामी औपचारिक तैयारियों को आगे बढ़ा रहा है।