Wednesday, 4 November 2026
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अशोक गहलोत का CM भजनलाल पर पलटवार: 24 घंटे में मांगें माफी, वर्ना उठाएं कानूनी कदम; IAS शिखर अग्रवाल मामले में भी घेरा

संक्षेप में

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सीएम भजनलाल शर्मा द्वारा जोधपुर में लगाए गए किसानों को लूटने और नकली खाद-बीज बेचने के आरोपों पर पलटवार किया है। गहलोत ने 24 घंटे के भीतर सबूत पेश करने या माफी मांगने की मांग की है और आईएएस शिखर अग्रवाल मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की बात कही है।

मुख्य बातें

  • सीएम भजनलाल शर्मा ने जोधपुर में अशोक गहलोत पर किसानों को लूटने और नकली खाद-बीज बेचने के आरोप लगाए थे।
  • अशोक गहलोत ने 24 घंटे के भीतर सबूत देने या सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की चेतावनी दी है।
  • गहलोत ने आईएएस शिखर अग्रवाल से जुड़े विला खरीद मामले की जांच एसीबी के बजाय सीबीआई से कराने की मांग की है।
  • कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार से पूछा है कि यदि सबूत थे तो तीन साल तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
राज्य समाचार
अशोक गहलोत का CM भजनलाल पर पलटवार: 24 घंटे में मांगें माफी, वर्ना उठाएं कानूनी कदम; IAS शिखर अग्रवाल मामले में भी घेरा

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मौजूदा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के जोधपुर में दिए गए बयानों पर तीखा पलटवार किया है। गहलोत ने मुख्यमंत्री से उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों के समर्थन में सार्वजनिक रूप से सबूत पेश करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर सबूत नहीं दिए गए, तो मुख्यमंत्री माफी मांगें।

यह विवाद मंगलवार को जोधपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा दिए गए उस संबोधन के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने पूर्व सीएम पर किसानों को लूटने और नकली खाद-बीज बेचने जैसे संगीन आरोप लगाए थे। गहलोत ने इन बयानों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि बिना किसी आधार के गढ़ी गई कहानियां जनता को गुमराह करने और वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास हैं।

व्यक्तिगत आरोपों और भाषा की मर्यादा पर सवाल

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सिलसिलेवार पोस्ट साझा करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने लिखा कि इन आधारहीन बातों से उन्हें गहरी ठेस पहुंची है। गहलोत ने आरोप लगाया कि अपराधबोध के दबाव में आकर मुख्यमंत्री अपनी भाषा की गरिमा भूल गए हैं और व्यक्तिगत स्तर पर झूठे आरोप लगाने लगे हैं।

उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अपने दावों से जुड़े दस्तावेज और विवरण न केवल उन्हें उपलब्ध कराएं, बल्कि प्रदेश की जनता के सामने भी रखें।

शिखर अग्रवाल प्रकरण पर सीएम की भूमिका को लेकर घेरा

पूर्व मुख्यमंत्री ने विला खरीद विवाद से जुड़े आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल का जिक्र करते हुए सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए। गहलोत ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री इस मामले में अपनी सरकार का पक्ष रखेंगे और सार्वजनिक रूप से सच्चाई बताएंगे।

उन्होंने याद दिलाया कि जिस बोर्ड की बैठक में 'अनंता कंपनी' को विशेष छूट देने का निर्णय लिया गया था, उसके अध्यक्ष खुद मुख्यमंत्री होते हैं। ऐसे में इस प्रकरण पर मुख्यमंत्री की संदिग्ध भूमिका पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है।

एसीबी के बजाय सीबीआई जांच की मांग

मामले की जांच को लेकर पूर्व सीएम ने एक बार फिर केंद्रीय एजेंसी से पड़ताल कराने की वकालत की है। गहलोत ने कहा- "मुख्यमंत्रीजी, सवाल अब भी वही है। आखिर इस मामले की जांच आप अपने अधीन एजेंसी एसीबी की बजाय केंद्रीय एजेंसी सीबीआई को क्यों नहीं सौंप रहे?"

डोटासरा बोले- 3 साल तक क्यों मौन रहे मुख्यमंत्री?

इस पूरे घटनाक्रम के बीच कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी सरकार पर निशाना साधा है। डोटासरा ने एक्स पर लिखा कि जब सरकार और मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े अधिकारियों पर सवाल उठते हैं, तो जवाबदेही भी वहीं से तय होनी चाहिए।

पीसीसी चीफ ने सवाल उठाया कि यदि सरकार के पास पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ इतने गंभीर मामलों से जुड़े साक्ष्य थे, तो पिछले तीन साल तक प्रशासन क्यों खामोश बैठा रहा? उन्होंने कहा कि जब जांच की आंच सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचने लगी, तब अचानक इस तरह के नए आरोप उछालकर ध्यान भटकाने की रणनीति अपनाई जा रही है।

डोटासरा ने कहा कि सरकार के पास पूरी मशीनरी और ताकत है, इसलिए व्यक्तिगत टिप्पणियां करने के बजाय तथ्यों के आधार पर पारदर्शी कार्रवाई की जानी चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से क्या मांग की है?

अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से जोधपुर में लगाए गए आरोपों के समर्थन में 24 घंटे के भीतर तथ्य और दस्तावेज सामने रखने को कहा है, अन्यथा सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की चेतावनी दी है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अशोक गहलोत पर क्या आरोप लगाए थे?

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को जोधपुर में एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व सीएम अशोक गहलोत पर किसानों को लूटने और नकली खाद-बीज बेचने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए थे।

IAS शिखर अग्रवाल मामले में अशोक गहलोत ने क्या सवाल उठाया है?

गहलोत ने कहा है कि विला खरीद और अनंता कंपनी को विशेष छूट देने के फैसले से जुड़े बोर्ड के अध्यक्ष खुद मुख्यमंत्री हैं, इसलिए उन्हें इस मामले की जांच एसीबी की बजाय सीबीआई को सौंपनी चाहिए।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इस मामले में क्या प्रतिक्रिया दी है?

गोविंद सिंह डोटासरा ने सवाल उठाया है कि यदि सरकार के पास पूर्व सीएम के खिलाफ तीन साल से सबूत थे, तो वे अब तक मौन क्यों रहे और व्यक्तिगत आरोप लगाकर ध्यान भटकाने का प्रयास क्यों किया जा रहा है।