जैसलमेर के रामदेवरा में बाबा रामदेव के भादवा मेले को लेकर श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। दूर-दराज के क्षेत्रों से पदयात्री लगातार रामदेवरा पहुंच रहे हैं, जिससे पूरे इलाके का माहौल भक्तिमय हो गया है। बीकानेर और बाप वाया सिहड़ा आने वाले मुख्य मार्ग पर इन दिनों श्रद्धालुओं के बड़े जत्थे नजर आ रहे हैं।

सिहड़ा मार्ग पर पदयात्रियों का उत्साह

सिहड़ा लिंक रोड पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी है। कोई सिर पर बाबा रामदेव की विशाल ध्वजा लेकर चल रहा है, तो कोई कपड़े से बने बड़े घोड़े लेकर समाधि के दर्शन के लिए आगे बढ़ रहा है। रामदेवरा की दूरी जैसे-जैसे कम हो रही है, यात्रियों का उत्साह और बढ़ रहा है।

इस मार्ग पर कई श्रद्धालु कठिन कनक दंडवत यात्रा करते हुए भी आगे बढ़ रहे हैं। वे सड़क पर दंडवत प्रणाम कर कुछ दूरी तय करते हैं और फिर उठकर दोबारा यही प्रक्रिया दोहराते हैं। इस कठिन साधना के बावजूद श्रद्धालुओं के चेहरों पर अटूट आस्था साफ झलक रही है।

पंजाब और हरियाणा से भी पहुंच रहे श्रद्धालु

राजस्थान के विभिन्न जिलों के अलावा पंजाब और हरियाणा से भी बड़ी संख्या में लोग रामदेवरा पहुंच रहे हैं। श्रीगंगानगर और बीकानेर क्षेत्र से आने वाले पदयात्रियों के साथ-साथ कई श्रद्धालु निजी वाहनों से भी पहुंच रहे हैं। लगातार बढ़ते यातायात और पदयात्रियों के सैलाब से प्रमुख मार्गों पर दिनभर चहल-पहल बनी हुई है।

सड़क मार्ग पर आने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए जगह-जगह भंडारे और सेवा शिविर लगाए गए हैं। इन शिविरों में भोजन, पानी, विश्राम और प्राथमिक उपचार की समुचित व्यवस्था की गई है, जहां यात्री कुछ देर विश्राम कर अपनी आगे की यात्रा शुरू करते हैं।

रामसरोवर में स्नान और समाधि दर्शन

मेले में पहुंच रहे दर्शनार्थी सबसे पहले पवित्र रामसरोवर तालाब में स्नान कर रहे हैं। रामसरोवर के विभिन्न घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। स्नान के बाद श्रद्धालु विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर बाबा रामदेव की समाधि के दर्शन के लिए आगे बढ़ रहे हैं। पूरे रामदेवरा क्षेत्र में 'रामदेव की जय' के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज रहा है।