मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को बाड़मेर के बाछड़ाऊ में जोधपुर संभाग के आठ जिलों के लिए 2,824 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के 1,013 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने कम वर्षा वाले क्षेत्रों के लिए विशेष राहत पैकेजों की घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर तक पहुंचे।
जोधपुर संभाग के बाड़मेर, बालोतरा, जैसलमेर, जालोर, जोधपुर, पाली, फलोदी और सिरोही जिलों को इन विकास परियोजनाओं का लाभ मिलेगा। इनमें 2,045 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के 763 कार्यों का शिलान्यास और 778 करोड़ रुपये की लागत के 250 पूर्ण विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल है।
बाड़मेर और जैसलमेर के लिए विशेष राहत घोषणाएं
बाड़मेर जिले में कम वर्षा के कारण उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों, पशुपालकों और आमजन को राहत देने के कई बड़े ऐलान किए। इसके तहत गर्मी के दौरान संचालित आकस्मिक पेयजल व्यवस्थाएं तथा टैंकरों के माध्यम से जल परिवहन की सुविधा 31 दिसंबर तक निरंतर जारी रखी जाएगी।
कम वर्षा वाले क्षेत्रों में आवश्यक आकस्मिक कार्यों को गति देने के लिए जिला कलेक्टर के माध्यम से एक करोड़ रुपये तक के कार्यों की स्वीकृति दी जाएगी। साथ ही, चारे की कमी से प्रभावित बाड़मेर, बालोतरा और जैसलमेर क्षेत्रों में चारा डिपो शुरू करने और उनके सुचारू संचालन के निर्देश दिए गए हैं।
पेयजल और ऊर्जा क्षेत्र पर जोर
राज्य सरकार प्रदेश में जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राम जल सेतु लिंक परियोजना को आगे बढ़ा रही है। करीब 1 लाख करोड़ रुपये की इस परियोजना में अब तक 41 हजार करोड़ रुपये के कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा, यमुना जल परियोजना, नर्मदा परियोजना और किशाऊ परियोजना के जरिए बड़ी आबादी को स्थायी पेयजल सुरक्षा मिलने की बात कही गई है।
ऊर्जा क्षेत्र के तहत जोधपुर संभाग में 405 करोड़ रुपये के 63 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति और बुनियादी ढांचे को मजबूती मिली है।
किसान कल्याण और सामाजिक सुरक्षा योजनाएं
किसानों के आर्थिक संबल के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत राज्य में वार्षिक सहायता राशि 6 हजार रुपये से बढ़ाकर 9 हजार रुपये की गई है। योजना के तहत अब तक 76 लाख से अधिक किसानों के खातों में 14 हजार 400 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है। इसके अलावा, कृषि कनेक्शनों और बिजली बिलों में किसानों को 61 हजार 583 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया है।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में राज्य में 18 लाख से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी और 25 हजार स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सोलर दीदी के रूप में जोड़ा गया है। साथ ही, 57 हजार से अधिक समूहों को 928 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 3 लाख 82 हजार आवास पूरे हो चुके हैं, जबकि 4 लाख 53 हजार आवासों का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
विभिन्न क्षेत्रों में हुए शिलान्यास और लोकार्पण
सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए 958 करोड़ रुपये की लागत के 587 कार्यों का शिलान्यास किया गया। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल के लिए 739 करोड़ रुपये, सुदृढ़ बिजली आपूर्ति के लिए 208 करोड़ रुपये और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 42 करोड़ रुपये के कार्य प्रस्तावित किए गए हैं।
समारोह के दौरान 1971 के युद्ध का स्मरण करते हुए बाड़मेर के सपूत लेफ्टिनेंट जनरल हनुत सिंह के शौर्य को याद किया गया। इस अवसर पर उद्योग राज्य मंत्री के.के. विश्नोई, किसान आयोग के अध्यक्ष सी.आर. चौधरी समेत क्षेत्र के कई विधायक और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
