Wednesday, 30 September 2026
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बडगाम एनकाउंटर: लश्कर कमांडर हाशिम मूसा ढेर; पाकिस्तानी फौज का पूर्व पैरा-कमांडो था आतंकी

संक्षेप में

जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में सुरक्षाबलों ने एक मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर हाशिम मूसा को मार गिराया है। यूसमर्ग के कोराग इलाके में हुए इस 'ऑपरेशन कोराग' में मारा गया मूसा पाकिस्तानी सेना का पूर्व पैरा-कमांडो था और 2022 से घाटी में सक्रिय था।

मुख्य बातें

  • सुरक्षाबलों ने मंगलवार देर रात बडगाम के यूसमर्ग में लश्कर कमांडर हाशिम मूसा को मार गिराया।
  • मूसा पाकिस्तानी सेना के SSG का पूर्व पैरा-कमांडो था और 2022 में घुसपैठ कर आया था।
  • इस एनकाउंटर को सेना ने
  • इस चार सदस्यीय लश्कर मॉड्यूल के सभी चारों आतंकी अब मारे जा चुके हैं।
राज्य समाचार
बडगाम एनकाउंटर: लश्कर कमांडर हाशिम मूसा ढेर; पाकिस्तानी फौज का पूर्व पैरा-कमांडो था आतंकी

जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में सुरक्षाबलों ने मंगलवार देर रात एक मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर हाशिम मूसा को मार गिराया। यह एनकाउंटर यूसमर्ग के कोराग इलाके में हुआ, जिसे सेना ने 'ऑपरेशन कोराग' नाम दिया है। मूसा पाकिस्तान आर्मी के स्पेशल सर्विसेज ग्रुप (SSG) का पूर्व पैरा-कमांडो बताया गया है, जो 2022 में घुसपैठ के जरिए कश्मीर घाटी में दाखिल हुआ था।

सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) को इस इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिली थी। इसके बाद सुरक्षाबलों ने संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया। जैसे ही बल कोराग इलाके में आगे बढ़े, छिपे हुए आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने लश्कर कमांडर को ढेर कर दिया। सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक मारे गए आतंकी की पहचान हाशिम मूसा के तौर पर हुई है, हालांकि अलग-अलग खुफिया रिपोर्टों में उसे सुलेमान शाह उर्फ मूसा, फौजी मूसा और मोहम्मद आसिफ के नाम से भी जाना जाता था।

4 साल से सक्रिय लश्कर का 4 सदस्यीय मॉड्यूल खत्म

सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर 2022 से लश्कर-ए-तैयबा का यह चार सदस्यीय आतंकी ग्रुप था। इस नेटवर्क में जुनैद रमजान अहमद, अबू ताल्हा, यासिर और हाशिम मूसा शामिल थे। दिसंबर 2024 में सुरक्षाबलों ने एनकाउंटर में जुनैद रमजान को मार गिराया था। उसके मोबाइल से एजेंसियों को इन चारों की एक अहम तस्वीर हाथ लगी थी, जिसके बाद इस ग्रुप के पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ था।

इस कड़ी में अप्रैल 2025 में अबू ताल्हा को ढेर कर दिया गया, जबकि 5 सितंबर को बडगाम में हुए एक अन्य ऑपरेशन में यासिर मारा गया था। उस ऑपरेशन के दौरान हाशिम मूसा बच निकलने में कामयाब रहा था, जिसकी तलाश सुरक्षा एजेंसियों को पिछले कई महीनों से थी। साल 2025 में हुए पहलगाम हमले के बाद संदिग्ध आतंकियों के तौर पर मूसा का स्केच भी जारी किया गया था, हालांकि बाद में जांच में स्पष्ट हुआ कि वह उस हमले में शामिल नहीं था।

सितंबर में अब तक 5 आतंकी ढेर

जम्मू-कश्मीर के उधमपुर और बडगाम जिलों में 1 से 30 सितंबर के बीच सुरक्षाबलों की कार्रवाई में कुल 5 आतंकी मारे जा चुके हैं। बडगाम में 5 सितंबर को यासिर के मारे जाने के बाद, 17 सितंबर को उधमपुर में दो पाकिस्तानी आतंकियों सद्दाम और मुस्तफा को ढेर किया गया। इसके अलावा इसी महीने एक अन्य आतंकी का शव भी बरामद हुआ था।

सुरक्षाबलों के अनुसार, हाशिम मूसा के मारे जाने के बाद इस मॉड्यूल का सफाया हो गया है। हालांकि, इलाके में अन्य आतंकियों के छिपे होने की आशंका के चलते सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

हाशिम मूसा कौन था और वह कब मारा गया?

हाशिम मूसा लश्कर-ए-तैयबा का एक टॉप कमांडर था, जिसे सुरक्षाबलों ने मंगलवार देर रात जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले के यूसमर्ग इलाके में एक मुठभेड़ के दौरान मार गिराया।

हाशिम मूसा किस देश का नागरिक था और उसकी क्या पृष्ठभूमि थी?

हाशिम मूसा एक पाकिस्तानी नागरिक था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, वह पाकिस्तान आर्मी के SSG (स्पेशल सर्विसेज ग्रुप) का पूर्व पैरा-कमांडो था और 2022 में घुसपैठ कर कश्मीर घाटी में दाखिल हुआ था।

इस एनकाउंटर को सुरक्षाबलों ने क्या नाम दिया है?

भारतीय सेना और सुरक्षाबलों द्वारा बडगाम के कोराग इलाके में चलाए गए इस संयुक्त अभियान को 'ऑपरेशन कोराग' नाम दिया गया था।

इस मॉड्यूल के कौन-कौन से अन्य आतंकी पहले मारे जा चुके हैं?

इस चार सदस्यीय लश्कर मॉड्यूल के अन्य आतंकियों में जुनैद रमजान को दिसंबर 2024 में, अबू ताल्हा को अप्रैल 2025 में और यासिर को 5 सितंबर 2025 को सुरक्षाबलों ने ढेर कर दिया था।