पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में हर दिन नए और सनसनीखेज खुलासे सामने आ रहे हैं, जिससे पूरा मामला और भी जटिल नजर आ  रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स और कैब ड्राइवर वैभव जाधव के बयान के आधार पर यह दावा किया जा रहा है कि सिया ने शादी की शॉपिंग के नाम पर केतन से करीब ₹1 करोड़ की बड़ी रकम ली थी, लेकिन आरोप है कि इस पैसे का उपयोग शॉपिंग में नहीं किया गया बल्कि इसे उसके प्रेमी चेतन चौधरी को ट्रांसफर कर दिया गया। इसके अलावा कैब ड्राइवर ने यह भी बयान दिया है कि सिया बाली ट्रिप पर जाने के लिए तैयार नहीं थी और कथित तौर पर उसने केतन का पासपोर्ट भी गायब कर दिया जिससे वह विदेश यात्रा पर न जा सके। जांच के मुताबिक  पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि घटना की साजिश धीरे-धीरे कई दिनों में रची गई थी। आरोप है कि चेतन ने स्कूटर का इस्तेमाल इसलिए किया ताकि किसी भी तरह की ट्रैकिंग या टोल रिकॉर्ड सामने न आए और वह आसानी से लोहेगढ़ किले तक पहुंचे  वहीं बताया जा रहा है कि किले पर दोनों आरोपियों ने मिलकर केतन को धक्का दिया था जिससे उसकी मौत हुई  घटना के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और पूछताछ में दोनों एक-दूसरे पर मास्टरमाइंड होने का आरोप लगाते नजर आ रहे हैं, जिससे जांच की दिशा बार-बार बदल रही है। पुलिस अब इस पूरे केस में डिजिटल सबूत, कॉल डिटेल्स और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर गहराई से जांच में जुटी  है, ताकि साजिश की असली  परतें खुले।