केंद्र सरकार की ओर से यूजरनेम फीचर को लेकर उठाई गई साइबर सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बाद वॉट्सएप ने अपने नए 'यूजरनेम' फीचर को लेकर विस्तृत गाइडलाइन और FAQs जारी किए हैं। कंपनी के मुताबिक इस फीचर को यूजर्स की प्राइवेसी और सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। वॉट्सएप के मुताबिक, केवल किसी का यूजरनेम जान लेने भर से कोई भी व्यक्ति उसे सीधे मैसेज नहीं भेज सकेगा। इसके लिए सुरक्षा जांच, पहचान सत्यापन और अन्य प्रोटेक्शन लेयर का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि फर्जी पहचान, ऑनलाइन ठगी, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट और अन्य साइबर अपराधों के खतरे को रोका जा सके।
दरअसल, हाल ही में केंद्र सरकार ने वॉट्सएप की पैरेंट कंपनी मेटा को नोटिस जारी करते हुए इस फीचर से जुड़े संभावित साइबर फ्रॉड पर चिंता जताई थी। सरकार के मुताबिक यदि यूजरनेम फीचर का गलत इस्तेमाल हुआ तो अपराधियों के लिए लोगों की फर्जी पहचान बनाकर उन्हें ठगना आसान हो सकता है। इसी वजह से सरकार ने स्पष्ट किया था कि जब तक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह संतुष्टि नहीं हो जाती, तब तक इस फीचर को बड़े स्तर पर लागू नहीं किया जायेगा।
सरकार के नोटिस के बाद वॉट्सएप ने अपने सुरक्षा उपायों की जानकारी साझा करते हुए कहा है कि यूजरनेम फीचर में कई एडवांस प्राइवेसी और सिक्योरिटी फीचर्स शामिल किए गए हैं, जिससे यूजर्स का डेटा सुरक्षित रहेगा। कंपनी ने 29 जून से दुनियाभर में यूजरनेम रजिस्ट्रेशन की शुरुआत कर दी है, लेकिन यह सुविधा सभी यूजर्स को एक साथ नहीं मिलेगी। आने वाले महीनों में इसे चरणबद्ध तरीके से अलग-अलग देशों में रोलआउट किया जाएगा। जब यह फीचर किसी यूजर के क्षेत्र में उपलब्ध होगा, तब उसे वॉट्सएप ऐप के अंदर नोटिफिकेशन के जरिए इसकी जानकारी जुटाई जाएगी।
