तुर्की दौरे से लौटते वक्त अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विमान बदलने की गुप्त सुरक्षा कार्रवाई को लेकर ईरान ने तीखा तंज कसा है। ईरानी सरकारी मीडिया और सोशल मीडिया पर इस घटना को अमेरिका की सुरक्षा और सैन्य तैयारियों पर सवालिया निशान के रूप में पेश किया गया है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह कदम कंधे से दागे जाने वाले मिसाइल (shoulder-fired missile) के संभावित खतरे को देखते हुए उठाया गया था।
एयरफोर्स वन से छोटे C-32A जेट में किया गया था शिफ्ट
घटना पिछले महीने नाटो शिखर सम्मेलन के बाद अंकारा से वापसी के दौरान की है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, खुफिया रिपोर्ट में राष्ट्रपति ट्रंप के विमान को निशाना बनाए जाने की विश्वसनीय चेतावनी मिली थी।
इसके बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत ट्रंप को चुपचाप 'एयरफोर्स वन' से हटाकर एक छोटे सरकारी जेट C-32A में शिफ्ट किया गया। वहीं, बड़ा राष्ट्रपति विमान वरिष्ठ अधिकारियों, स्टाफ और पत्रकारों को लेकर अलग से रवाना हुआ। 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' की रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को जानकारी मिली थी कि ईरानी ऑपरेटर्स को अंकारा में ट्रंप के होटल और उनके फ्लोर तक की जानकारी थी। हालांकि, तेहरान ने इन आरोपों या विमान बदलने की घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
सोशल मीडिया पर मीम्स और प्रोपेगैंडा का दौर
ईरान के सरकारी टेलीविजन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस घटना को लेकर जमकर प्रचार किया गया। दक्षिण अफ्रीका में ईरान के दूतावास ने सोशल मीडिया पर एक मीम शेयर किया, जिसमें ट्रंप को खाने के डिब्बे (catering box) के अंदर दिखाया गया।
पोस्ट के साथ चेतावनी दी गई कि ट्रंप को जल्द ही "कचरे के डिब्बे में छिपा दिया जाएगा।" एक अन्य फॉलो-अप पोस्ट में ईरान ने दावा किया, "जिन्हें बंकर में छिपा हुआ बताया गया था, वे अपने दफ्तर में शहीद हुए। वहीं, जो अपने विशाल युद्धपोतों और आधुनिक B-2 बॉम्बर्स का दावा करते थे, वे अंततः फूड ट्रक में भागते नजर आए।" रिपोर्ट्स के मुताबिक, 8 जुलाई को ट्रंप और उनके चुनिंदा सहयोगियों को बड़े विमान से छोटे जेट तक ले जाने के लिए केटरिंग ट्रक का इस्तेमाल किया गया था।
ईरानी मीडिया का दावा- सैन्य ताकत का असर
ईरानी सरकारी टीवी के प्रेजेंटर्स ने इस घटना को व्यापक प्रतीकात्मक संदर्भों से जोड़ते हुए कहा कि यह अमेरिकी प्रशासन के भीतर सुरक्षा के खौफ को दर्शाता है।
तेहरान ने पहले उन अमेरिकी दावों को खारिज किया था जिनमें उस पर ट्रंप के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया गया था। इस ताजा घटनाक्रम के बाद से ईरानी मीडिया इसे कूटनीतिक और मनोवैज्ञानिक बढ़त के रूप में प्रोजेक्ट कर रहा है, जबकि व्हाइट हाउस की ओर से इस पर कोई नई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
