बुरहानपुर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया। स्थानीय अंबेडकर प्रतिमा के सामने कार्यकर्ताओं ने रैली निकाली और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया। इस दौरान 'वोट चोर गद्दी छोड़' के नारे भी गूंजे। हालांकि, इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के भीतर गुटबाजी खुलकर सामने आ गई, क्योंकि शहर और ग्रामीण संगठन के नेता अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन करते नजर आए।
राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन प्रक्रिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीण जिला अध्यक्ष रवींद्र महाजन की अगुवाई में पार्टी नेताओं ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने और मतदाता सूची में हुए बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग की गई है।
"SIR प्रक्रिया के जरिए मतदाता सूची में जो बदलाव किए गए हैं, उनकी स्वतंत्र समीक्षा होनी चाहिए ताकि हर पात्र नागरिक के अधिकारों की रक्षा की जा सके।" — रवींद्र महाजन, ग्रामीण जिला अध्यक्ष
अलग-अलग जगहों पर नजर आए शहर और ग्रामीण गुट
विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के स्थानीय संगठन की आंतरिक कलह भी चर्चा का विषय रही। नगर निगम अध्यक्ष अनीता अमर यादव ने मतदाता सूची में हुए बदलावों पर सवाल उठाते हुए व्यापक समीक्षा की मांग रखी। वहीं, पूर्व निगम अध्यक्ष गौरी शर्मा ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा पर जोर दिया।
खास बात यह रही कि शहर और ग्रामीण कांग्रेस के नेता एक मंच पर आने के बजाय अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन करते दिखाई दिए। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बिखराव से पार्टी का विरोध प्रदर्शन अपनी पूरी ताकत नहीं दिखा सका।
