Wednesday, 14 October 2026
अभी का दौर

केंद्रीय कैबिनेट के बड़े फैसले: रेलवे कर्मचारियों को 78 दिन का बोनस, दिव्यांग पेंशन के लिए सीमा 40% हुई

संक्षेप में

केंद्रीय कैबिनेट ने रेलवे के 11.40 लाख कर्मचारियों के लिए 78 दिन के बोनस और दिव्यांग पेंशन की न्यूनतम पात्रता सीमा 80% से घटाकर 40% करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम को 2030-31 तक बढ़ाने की मंजूरी दी गई है।

मुख्य बातें

  • रेलवे के 11.40 लाख कर्मचारियों को 78 दिन का PLB बोनस मिलेगा
  • बोनस पर कुल ₹2,009 करोड़ खर्च किए जाएंगे
  • दिव्यांग पेंशन के लिए न्यूनतम दिव्यांगता सीमा 80% से घटाकर 40% की गई
  • राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम को 2026-27 से 2030-31 तक बढ़ाया गया
  • इस योजना पर अगले पांच साल में ₹53,428 करोड़ खर्च होंगे
देश विदेश
केंद्रीय कैबिनेट के बड़े फैसले: रेलवे कर्मचारियों को 78 दिन का बोनस, दिव्यांग पेंशन के लिए सीमा 40% हुई

केंद्र सरकार ने बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में रेलवे कर्मियों के वित्तीय लाभ और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़े कई बड़े निर्णय लिए हैं। इसके तहत रेलवे के करीब 11.40 लाख पात्र कर्मचारियों को 78 दिन का प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) दिया जाएगा। साथ ही, दिव्यांग पेंशन के नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए पात्रता सीमा को 80% से घटाकर 40% कर दिया गया है।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट बैठकों के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि रेलवे कर्मचारियों के बोनस पर कुल ₹2,009 करोड़ खर्च किए जाएंगे। सरकार के इस कदम से ट्रैक, इंजन और वर्कशॉप में तैनात कर्मचारियों को सीधा फायदा मिलेगा।

रेलवे कर्मचारियों के लिए बोनस का ऐलान

केंद्रीय मंत्री ने रेलवे कर्मियों के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि त्योहारों के समय जब आम लोग अपने परिवारों के साथ होते हैं, तब भी ये कर्मचारी पटरियों और वर्कशॉप में मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी निभाते हैं। इसी समर्पण को देखते हुए सरकार ने 78 दिन का बोनस देने का फैसला लिया है। यह राशि पात्र कर्मचारियों के खातों में जल्द ट्रांसफर की जाएगी।

दिव्यांग पेंशन के नियमों में ढील

दिव्यांग पेंशन योजना के तहत अब न्यूनतम दिव्यांगता की शर्त को 80% से कम करके 40% कर दिया गया है। इससे बड़ी संख्या में जरूरतमंद लोग इस दायरे में आ सकेंगे।

नई व्यवस्था के तहत 0 से 79 वर्ष की आयु के लाभार्थियों को ₹375 और 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों को ₹625 की वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसके अलावा, पेंशन के लिए न्यूनतम आयु की शर्त जन्म से लागू होगी। इन नए नियमों और पात्रता से जुड़े विस्तृत दिशा-निर्देश आगामी तीन महीनों के भीतर जारी किए जाएंगे।

राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम का विस्तार

कैबिनेट ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक अगले पांच साल के लिए जारी रखने की मंजूरी दे दी है। इस अवधि के दौरान इस योजना पर कुल ₹53,428 करोड़ खर्च किए जाएंगे। सरकार के मुताबिक, देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के करीब 3.20 करोड़ लाभार्थियों को इसका लाभ मिलेगा।

इस योजना के तहत चलाई जा रही विभिन्न श्रेणियों का नाम बदला जा रहा है। बुजुर्गों की पेंशन योजना अब 'प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना' और विधवा पेंशन योजना 'प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना' के नाम से जानी जाएगी। इसके अलावा, दिव्यांग पेंशन योजना का नाम 'प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना' और राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना का नाम 'प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना' होगा। बुजुर्गों, विधवाओं और परिवारों के लिए चल रही ये सभी कल्याणकारी योजनाएं पहले की तरह ही आगे भी जारी रहेंगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

रेलवे कर्मचारियों को कितने दिन का बोनस मिलेगा?

रेलवे के करीब 11.40 लाख पात्र कर्मचारियों को 78 दिन का प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) मिलेगा, जिस पर कुल ₹2,009 करोड़ खर्च किए जाएंगे।

दिव्यांग पेंशन के लिए न्यूनतम दिव्यांगता सीमा कितनी कर दी गई है?

दिव्यांग पेंशन के लिए पात्रता की न्यूनतम दिव्यांगता सीमा को 80 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है।

राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम कब तक जारी रहेगा?

इस कार्यक्रम को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक अगले पांच साल के लिए मंजूरी दी गई है, जिस पर ₹53,428 करोड़ खर्च होंगे।

योजनाओं के नाम में क्या बदलाव किए गए हैं?

राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम का नाम बदलकर प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना किया जा रहा है, जिसके तहत वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन योजनाओं के आगे 'प्रधानमंत्री' जोड़ा गया है।