Wednesday, 4 November 2026
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छोटी दीपावली 2026: 7 या 8 नवंबर? जानें नरक चतुर्दशी की सही तिथि, अभ्यंग स्नान का शुभ मुहूर्त और दीपदान का समय

संक्षेप में

इस वर्ष छोटी दिवाली 7 और 8 नवंबर 2026 को मनाई जाएगी। 7 नवंबर की शाम को यमराज के लिए दीपदान किया जाएगा, जबकि 8 नवंबर को अभ्यंग स्नान और नरक चतुर्दशी मनाई जाएगी। यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण द्वारा नरकासुर के वध की स्मृति में मनाया जाता है।

मुख्य बातें

  • चतुर्दशी तिथि 7 नवंबर को सुबह 10:48 बजे शुरू होकर 8 नवंबर को सुबह 11:28 बजे समाप्त होगी।
  • अभ्यंग स्नान 8 नवंबर 2026 को सुबह 5:41 से 6:38 बजे तक होगा।
  • भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध कर 16 हजार महिलाओं को मुक्त कराया था।
धर्म
छोटी दीपावली 2026: 7 या 8 नवंबर? जानें नरक चतुर्दशी की सही तिथि, अभ्यंग स्नान का शुभ मुहूर्त और दीपदान का समय

कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर मनाए जाने वाले दीपोत्सव के पर्वों में छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी का विशेष स्थान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा के साथ-साथ यमराज के निमित्त दीपदान करने की प्राचीन परंपरा है। इस वर्ष छोटी दिवाली और स्नान की तिथियों को लेकर पंचांगीय गणना के आधार पर दो दिन पर्व का योग बन रहा है।

छोटी दिवाली और नरक चतुर्दशी की तिथियां

पंचांग के मुताबिक, इस वर्ष चतुर्दशी तिथि 7 नवंबर को सुबह 10 बजकर 48 मिनट से आरंभ होगी और इसका समापन 8 नवंबर को सुबह 11 बजकर 28 मिनट पर होगा। प्रदोष काल में चतुर्दशी तिथि की उपस्थिति के कारण 7 नवंबर की शाम को ही यमराज के निमित्त दीपदान किया जाएगा।

वहीं, उदया तिथि और अरुणोदय व्यापिनी तिथि के आधार पर 8 नवंबर को नरक चतुर्दशी और रूप चौदस का अभ्यंग स्नान किया जाएगा। सौंदर्य और आरोग्य की प्राप्ति के लिए इस स्नान का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है।

अभ्यंग स्नान और पूजा के शुभ मुहूर्त

रूप चौदस पर होने वाले पारंपरिक अभ्यंग स्नान के लिए 8 नवंबर 2026 को सुबह 5 बजकर 41 मिनट से लेकर 6 बजकर 38 मिनट तक का समय सबसे उत्तम रहेगा। इस अवधि में स्नान करने से आरोग्यता और निखार की प्राप्ति होती है।

धार्मिक अनुष्ठानों के अनुसार, दीपदान के लिए गोधूलि और सायंकाल का समय निर्धारित किया गया है:

  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:31 बजे से 5:57 बजे तक
  • सायंकाल संध्या मुहूर्त: शाम 5:31 बजे से 6:50 बजे तक
  • चंद्रोदय का समय: शाम 5:41 बजे

क्यों मनाई जाती है नरक चतुर्दशी?

पौराणिक कथाओं के अनुसार, प्राग्ज्योतिषपुर के राजा नरकासुर नाम के एक अत्याचारी राक्षस ने अपनी ताकत के बल पर 16 हजार महिलाओं को बंदी बना लिया था। उसके निरंतर अत्याचारों से त्रस्त होकर देवताओं और ऋषि-मुनियों ने भगवान श्रीकृष्ण की शरण ली और मदद की गुहार लगाई।

इसके बाद भगवान कृष्ण ने नरकासुर का वध कर उसकी कैद से सभी 16 हजार महिलाओं को मुक्त कराया। राक्षस के अंत के इस उल्लास में लोगों ने अपने घरों को दीपों से रोशन किया। इसी मान्यता के आधार पर नरक चतुर्दशी का पर्व मनाने की परंपरा की शुरुआत हुई, जिसे रूप चौदस के नाम से भी जाना जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

छोटी दिवाली या नरक चतुर्दशी कब है?

इस वर्ष छोटी दिवाली 7 और 8 नवंबर दोनों दिन मनाई जाएगी। प्रदोष काल में चतुर्दशी तिथि होने के कारण 7 नवंबर की शाम को यमराज के नाम का दीपदान किया जाएगा, जबकि 8 नवंबर को नरक चतुर्दशी और रूप चौदस का अभ्यंग स्नान होगा।

अभ्यंग स्नान का शुभ मुहूर्त क्या है?

अभ्यंग स्नान का शुभ समय 8 नवंबर 2026 को सुबह 5:41 बजे से सुबह 6:38 बजे तक रहेगा।

नरक चतुर्दशी क्यों मनाई जाती है?

भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अत्याचारी राक्षस नरकासुर का वध करने और उसकी कैद से 16 हजार महिलाओं को मुक्त कराने की खुशी में नरक चतुर्दशी मनाने की परंपरा शुरू हुई।

दीपदान के लिए कौन सा समय सबसे अच्छा माना जाता है?

दीपदान के लिए गोधूलि मुहूर्त (शाम 5:31 से 5:57) और सायंकाल संध्या मुहूर्त (शाम 5:31 से 6:50) सबसे शुभ माना गया है।