कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के चुनाव चिह्न और नाम के इस्तेमाल पर रोक लगाने के चुनाव आयोग के आदेश पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई विपक्षी दलों को कमजोर करने के एक सोचे-समझे पैटर्न का हिस्सा है। चुनाव आयोग ने गुरुवार को दिल्ली में TMC के दोनों गुटों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद यह फैसला लिया था।
आयोग के इस कदम के बाद विपक्षी दलों ने खुलकर ममता बनर्जी का समर्थन किया है। पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव से ठीक पहले आए इस आदेश ने सियासी पारा चढ़ा दिया है।
राहुल गांधी का तंज- 'वोट चोरी और सरकार चोरी के बाद अब पार्टी चोरी'
राहुल गांधी ने X पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में हुई टूट का हवाला देते हुए चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए।
राहुल गांधी ने कहा- "पहले शिवसेना, फिर NCP और अब तृणमूल कांग्रेस। हर बार एक ही पैटर्न- BJP और चुनाव आयोग मिलकर एक पार्टी को तोड़ते हैं। फिर उसका चुनाव चिह्न छीन लिया जाता है।"
उन्होंने आगे लिखा कि जब पूरी की पूरी पार्टी चोरी हो सकती है, तो करोड़ों भारतीयों के वोट चोरी होना भी हैरानी की बात नहीं है। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को देश के लोकतांत्रिक पतन का प्रतीक बताया। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी चुनाव आयोग के फैसले को लेकर तीखा हमला बोला और इसे असंवैधानिक कब्जा करार दिया।
TMC के दोनों गुटों ने सौंपे नए नाम और चुनाव चिह्न
चुनाव आयोग के मुताबिक, पार्टी पर दावे को लेकर ममता बनर्जी और अरूप रॉय गुट आमने-सामने हैं। दोनों पक्षों ने खुद को असली तृणमूल कांग्रेस बताते हुए अपने दावे पेश किए हैं। आयोग ने इलेक्शन सिम्बल्स ऑर्डर, 1968 के नियमों के तहत विवाद पर अंतिम फैसला आने तक पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर रोक लगाई है।
इस अंतरिम आदेश के बाद TMC के दोनों गुटों ने चुनाव आयोग को अपनी पसंद के नए नाम और चुनाव चिह्न के विकल्प सौंप दिए हैं। दोनों धड़ों ने 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव के लिए अपने-अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। बागी TMC धड़े (ऋतब्रत बनर्जी गुट) ने नंदीग्राम से मोहम्मद एतेशामुल हक और रेजीनगर से सफीउद्दीन शेख को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली TMC ने नंदीग्राम से संचिता प्रधान और रेजीनगर से रबीउल आलम चौधरी को टिकट दिया है।
विपक्ष का हमला: चुनाव आयोग को बताया कठपुतली
TMC के समर्थन में उतरे विपक्षी नेताओं ने आयोग की कार्रवाई पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा कि यह पार्टी ममता बनर्जी ने अपने संघर्ष से बनाई है, जैसे शिवसेना बाला साहेब ठाकरे की रही है।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि संस्था को लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त करने वाले फैसले लेने चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल किया कि उनके द्वारा आयोग में जमा किए गए हलफनामे (Affidavit) की क्या स्थिति है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उपचुनाव से ठीक पहले आए इस फैसले से पश्चिम बंगाल का सियासी माहौल गरमा गया है, और आने वाले दिनों में विपक्ष इसे संसद से लेकर सड़क तक एक बड़ा मुद्दा बना सकता है।
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