डीग जिले के जनूथर थाना क्षेत्र के बडेसरा गांव में मंगलवार को सामने आए दो जुड़वा भाइयों के अंधे कत्ल की गुत्थी पुलिस ने 24 घंटे के भीतर ही सुलझा ली है। प्रेम प्रसंग के रास्ते का कांटा बने मासूमों को किसी और ने नहीं, बल्कि उनकी अपनी मां और उसके प्रेमी ने ही मौत के घाट उतारा था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को दबोच लिया है।
कुल्हाड़ी से वार कर खेत में छिपाए थे शव
एसपी कांबले शरण गोपीनाथ ने बताया कि बडेसरा गांव में हुई इस दोहरे हत्याकांड के पीछे अवैध रिश्ते का राज उजागर होने का डर था। मृतक बच्चों की मां प्रीति का गांव के ही रहने वाले राजेश के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा था। जुड़वा भाई विनय और विष्णु इस रिश्ते में बाधा बन रहे थे। इसी वजह से मां ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर दोनों को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रची।
योजना के मुताबिक, रात के वक्त धारदार कुल्हाड़ी से गला रेतकर दोनों मासूमों की निर्मम हत्या कर दी गई। वारदात को अंजाम देने के बाद कातिलों ने शवों को घर से कुछ ही दूरी पर खेतों में रखे कड़बी के पूंजों के बीच छिपा दिया था। बच्चों के गायब होने और बाद में शव मिलने के बाद सनसनी फैल गई थी।
नाना की शिकायत पर दर्ज हुआ था केस
मृतक बालकों के नाना घनश्याम जाट की शिकायत पर जनूथर थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी डीग शरण गोपीनाथ के निर्देशन में 'ऑपरेशन संकल्प' के तहत विशेष टीमों का गठन किया गया था।
घटनास्थल पर FSL (फॉरेंसिक साइंस लैब) टीम, डॉग स्क्वायड और MOB टीम ने पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। इसके बाद पुलिस ने गांव में विभिन्न एंगल से सघन पूछताछ की और गुप्त सूचनाएं एकत्र कीं। मनोवैज्ञानिक तरीके से की गई कड़ी पूछताछ और वैज्ञानिक साक्ष्यों के सामने आने के बाद मां प्रीति और उसके प्रेमी राजेश ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और सबूतों को जुटाने में जुटी है।
