राजस्थान की प्रसिद्ध डीडवाना नमक झील अब केवल नमक उत्पादन के लिए ही नहीं, बल्कि पर्यटन के लिए भी जानी जाएगी। सदियों पुरानी यह झील डीडवाना शहर की पहचान और धरोहर है। मध्यकाल से ही यहां प्राकृतिक तरीके से नमक का उत्पादन होता आ रहा है और आज भी बड़ी संख्या में लोग इससे जुड़े हुए हैं। सांभर झील के बाद डीडवाना नमक झील राजस्थान की दूसरी सबसे बड़ी खारे पानी की झील है। अब जिला प्रशासन ने इस ऐतिहासिक झील को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की है।

पंचगौरव योजना के तहत नगर परिषद प्रशासन ने करीब 4 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट  तैयार कर राज्य सरकार को मंजूरी के लिए भेजी है। योजना के तहत झील के पूर्वी छोर पर पाथ वे और रनिंग ट्रैक का निर्माण किया जाएगा, जहां लोग सुबह-शाम घूमने और चहलकदमी का आनंद ले सकेंगे। ट्रैक के आसपास आकर्षक लाइटिंग की व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे झील का सौंदर्य और बढ़ेगा।

इस परियोजना की सबसे खास बात यह होगी कि झील के पानी के बीच एक कृत्रिम टापू बनाया जाएगा, जहां से पर्यटक झील के मनमोहक नजारों को देख सकेंगे। इसके अलावा यहां सेल्फी प्वाइंट, सनराइज और सनसेट व्यू प्वाइंट, बच्चों के लिए झूले, चौपाटी और अन्य पर्यटन सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। प्रशासन का उद्देश्य झील को एक ऐसे पर्यटन स्थल के रूप में तैयार करना है, जहां स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले पर्यटक भी आकर्षित हों।

जिला प्रशासन का मानना है कि इस योजना के पूरा होने के बाद डीडवाना को प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी। इससे न सिर्फ झील का संरक्षण और सौंदर्यीकरण होगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय निवासियों ने भी प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि आने वाले समय में डीडवाना नमक नगरी के साथ-साथ एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में भी अपनी पहचान बनाएगा।