दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) की प्रक्रिया 30 जून से शुरू हो रही है। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि इस अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे और फॉर्म वितरित करेंगे। यह प्रक्रिया 29 जुलाई तक चलेगी।
पात्रता और महत्वपूर्ण तिथियां
इस पुनरीक्षण में वे सभी नागरिक शामिल होंगे, जिनकी आयु 1 अक्टूबर को 18 वर्ष या उससे अधिक होगी। अभियान के तहत 5 अगस्त को मतदाता सूची का ड्राफ्ट प्रकाशित किया जाएगा, जबकि सभी आपत्तियों और सुधारों के बाद अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर को जारी की जाएगी।
फॉर्म कैसे भरें और क्या दस्तावेज जरूरी हैं
BLO द्वारा प्रत्येक घर में दो प्रतियों में एन्यूमरेशन फॉर्म दिए जाएंगे। फॉर्म में मतदाता का नाम, EPIC नंबर, पता और फोटो पहले से दर्ज होगी। मतदाताओं को इसमें जन्म तिथि, मोबाइल नंबर और आधार नंबर (वैकल्पिक) जैसी जानकारी भरनी होगी। फॉर्म भरने के बाद इसे BLO को सौंपना होगा, जिसके बदले में वे पावती रसीद (acknowledgement receipt) देंगे।
यदि कोई मतदाता ऑनलाइन आवेदन करना चाहता है, तो वह चुनाव आयोग की वेबसाइट या 'वोटर सर्विस पोर्टल' से फॉर्म डाउनलोड कर सकता है। मोबाइल नंबर को EPIC से लिंक करने के बाद आधार-आधारित इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर के जरिए भी फॉर्म जमा किया जा सकता है। नए मतदाता फॉर्म-6 और निवास स्थान बदलने वाले मतदाता फॉर्म-8 का उपयोग कर सकते हैं।
2002-2005 के रिकॉर्ड से मिलान अनिवार्य
अभियान की सबसे महत्वपूर्ण शर्त मतदाताओं का 2002 से 2005 के बीच हुए विशेष पुनरीक्षण के रिकॉर्ड से लिंक होना है। मतदाताओं को अपने या अपने पूर्वजों (माता-पिता या दादा-दादी) के नाम 2002 के चुनावी रिकॉर्ड से मैप करने होंगे।
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर सर्च का विकल्प उपलब्ध है, जहां EPIC नंबर या नाम के जरिए पुराने रिकॉर्ड चेक किए जा सकते हैं। यदि किसी मतदाता का नाम पुराने रिकॉर्ड में नहीं मिलता है, तो उन्हें निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी द्वारा नोटिस मिलने के बाद आयोग द्वारा स्वीकृत 12 दस्तावेजों में से कोई एक प्रमाण देना होगा। दिल्ली के लगभग 42% मतदाताओं का डेटा पहले ही प्री-रिवीजन गतिविधि के तहत मैप किया जा चुका है।
