एजबेस्टन में मंगलवार को इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए पहले वनडे मुकाबले में अक्षर पटेल ने शानदार गेंदबाजी करते हुए एक दुर्लभ उपलब्धि हासिल की। अक्षर ने पारी के आखिरी ओवरों (41 से 50) में चार विकेट चटकाकर भारतीय स्पिनरों की उस सूची में जगह बनाई, जिसमें अब तक केवल रवींद्र जडेजा का नाम शामिल था। जडेजा ने 2013 में श्रीलंका के खिलाफ पोर्ट ऑफ स्पेन में यह कारनामा किया था।
अक्षर के इस जादुई स्पेल की बदौलत इंग्लैंड की टीम 258 रनों पर सिमट गई। एक समय मेजबान टीम 107 रनों पर अपने छह विकेट गंवाकर संघर्ष कर रही थी, लेकिन जो रूट और लियाम डॉसन की साझेदारी ने भारत की मुश्किलें बढ़ा दी थीं।
रूट और डॉसन की साझेदारी से इंग्लैंड की वापसी
इंग्लैंड की शुरुआत खराब रही थी और टीम ने बिना किसी नुकसान के 61 रन बनाने के बाद 107 रनों तक अपने छह प्रमुख बल्लेबाजों को खो दिया था। इसके बाद जो रूट (76 रन, 76 गेंद) और लियाम डॉसन (68 रन, 83 गेंद) ने सातवें विकेट के लिए 121 रनों की साझेदारी की। दोनों ने जसप्रीत बुमराह के दबाव को झेलते हुए अन्य गेंदबाजों के खिलाफ तेजी से रन बटोरे।
बुमराह और प्रसिद्ध कृष्णा का दबदबा
मैच के शुरुआती और मध्य ओवरों में भारतीय तेज गेंदबाजों का दबदबा रहा। चोट से वापसी कर रहे बुमराह ने नौ ओवर में केवल 31 रन दिए और 36 डॉट गेंदें फेंकी। प्रसिद्ध कृष्णा ने जोस बटलर और सैम करन जैसे महत्वपूर्ण विकेट निकालकर इंग्लैंड को बैकफुट पर धकेला, जबकि युवा गेंदबाज गुरनूर बराड़ ने एक ही ओवर में जैकब बेथेल और बेन डकेट को पवेलियन भेजा।
अक्षर का करियर-बेस्ट प्रदर्शन
जब इंग्लैंड की टीम 275 रन के पार जाने की स्थिति में दिख रही थी, तब अक्षर पटेल ने पारी के अंतिम चरणों में लगातार विकेट लेकर इंग्लैंड की पारी को 258 पर रोक दिया। अक्षर ने 4/62 के आंकड़े के साथ अपने वनडे करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। इस जीत के साथ भारत ने इंग्लैंड के रिकवरी अभियान को समय रहते थाम लिया।
