Thursday, 24 September 2026
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गणेश उत्सव 2024: अनंत चतुर्दशी पर कल होगा बप्पा का विसर्जन, घर पर ऐसे करें इको-फ्रेंडली प्रतिमा विसर्जन

संक्षेप में

गणेश उत्सव का समापन शुक्रवार, 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के दिन होगा। भक्त घर पर ही बड़े बर्तन में पानी भरकर मिट्टी की गणेश प्रतिमा का विसर्जन कर सकते हैं और घुली हुई मिट्टी को पौधों में डाल सकते हैं।

मुख्य बातें

  • गणेश उत्सव का समापन शुक्रवार, 25 सितंबर को होगा।
  • घर पर विसर्जन के लिए साफ बर्तन में पानी भरकर प्रतिमा को उसमें घोला जाता है।
  • घुले हुए पानी और मिट्टी को घर के गमलों या पौधों में डाला जा सकता है।
  • पूजा के दौरान भगवान गणेश को दूर्वा की 21 गांठें अर्पित की जाती हैं।
धर्म
गणेश उत्सव 2024: अनंत चतुर्दशी पर कल होगा बप्पा का विसर्जन, घर पर ऐसे करें इको-फ्रेंडली प्रतिमा विसर्जन

10 दिवसीय गणेश उत्सव अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। भक्त शुक्रवार, 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के मौके पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद गणपति बप्पा को विदाई देंगे। नदी, तालाब या अन्य प्राकृतिक जलस्रोतों में प्रतिमा विसर्जन की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है, लेकिन पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इस साल कई लोग घरों में ही इको-फ्रेंडली विसर्जन का विकल्प चुन रहे हैं। इससे प्राकृतिक जल स्रोतों में प्रदूषण रोकने में मदद मिलती है।

घर पर कैसे करें गणेश प्रतिमा का विसर्जन

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक, घर में मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमा का विसर्जन करना बेहद आसान और पर्यावरण के अनुकूल है। इसके लिए सबसे पहले एक साफ और बड़े बर्तन में पर्याप्त स्वच्छ पानी भरें।

विधि-विधान से पूजा पूरी करने के बाद गणेश जी की मिट्टी की प्रतिमा को श्रद्धापूर्वक उस पानी से भरे बर्तन में रखें। कुछ समय बाद मिट्टी की प्रतिमा पानी में धीरे-धीरे घुलने लगेगी। प्रतिमा के पूरी तरह घुल जाने तक उसे उसी बर्तन में रहने दें। इस दौरान प्रतिमा को खुद तोड़ने या मिट्टी को जबरन अलग करने की आवश्यकता नहीं होती है। प्रतिमा के पूरी तरह पानी में घुल जाने के बाद उस पानी और मिट्टी को घर के गमलों, पौधों या बगीचे की मिट्टी में डाला जा सकता है।

अनंत चतुर्दशी पर ऐसे करें गणेश पूजा

विसर्जन से पहले अनंत चतुर्दशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और घर के पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करें। इसके बाद भगवान गणेश की मिट्टी की प्रतिमा पर जल, दूध और पंचामृत का छिड़काव किया जाता है।

दूध, दही, घी, शहद और मिश्री मिलाकर पंचामृत तैयार किया जाता है। ध्यान रखें कि प्रतिमा पर तरल चीजों का छिड़काव ही करना चाहिए, क्योंकि ज्यादा मात्रा में जल या दूध डालने से मिट्टी की प्रतिमा पहले ही गल सकती है। अभिषेक के बाद भगवान को जनेऊ अर्पित करें और चंदन, सिंदूर, अबीर, गुलाल, इत्र और चावल चढ़ाएं।

दूर्वा और मोदक का विशेष महत्व

भगवान गणेश को दूर्वा अति प्रिय है, इसलिए पूजा में दूर्वा अवश्य अर्पित की जानी चाहिए। धार्मिक मान्यता है कि मंत्रों का उच्चारण करते हुए बप्पा को दूर्वा की 21 गांठें चढ़ानी चाहिए।

पूजा के अंतिम चरणों में भगवान को लड्डुओं का भोग लगाएं। श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार अन्य फल और प्रसाद भी अर्पित कर सकते हैं। इसके बाद कपूर जलाकर आरती करें और परिवार के सदस्यों के साथ प्रसाद ग्रहण कर दूसरों में भी वितरित करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अनंत चतुर्दशी कब है और गणेश विसर्जन कब होगा?

अनंत चतुर्दशी पर गणेश उत्सव का समापन शुक्रवार, 25 सितंबर को होगा, इस दिन भक्त बप्पा को विदाई देंगे।

घर पर गणेश प्रतिमा का विसर्जन कैसे किया जाता है?

घर पर विसर्जन के लिए एक बड़े बर्तन में पानी भरकर उसमें मिट्टी की प्रतिमा को रखें। प्रतिमा के पूरी तरह घुल जाने के बाद उस मिट्टी और पानी को गमलों या पौधों में डाल दें।

गणेश पूजा में कौन सी चीजें अर्पित करना जरूरी है?

पूजा में जल, दूध, पंचामृत का छिड़काव करने के साथ चंदन, सिंदूर, जनेऊ और विशेष रूप से दूर्वा की 21 गांठें व लड्डुओं का भोग चढ़ाया जाता है।

घर पर गणेश विसर्जन करने के क्या लाभ हैं?

घर पर विसर्जन करने से नदी और तालाब जैसे प्राकृतिक जलस्रोतों में प्रदूषण नहीं फैलता और यह पर्यावरण की दृष्टि से बेहद लाभदायक है।