स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI समर्थित शहजाद भट्टी नेटवर्क (SBN) के खिलाफ देशव्यापी कार्रवाई की है। इस साझा अभियान में 14 राज्यों से कुल 253 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि 200 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियों और राज्य पुलिस ने मिलकर इस आतंकी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों में एक साथ चलाए गए इस अभियान से नेटवर्क की कमर टूट गई है। कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद हुए हैं, जिनमें आईईडी, पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री के मार्का वाले ग्रेनेड, पिस्तौल, जिंदा कारतूस और जासूसी में इस्तेमाल होने वाले सीसीटीवी कैमरे शामिल हैं।
12 अगस्त को 14 राज्यों में एक साथ रेड
यह देशव्यापी अभियान 12 अगस्त को रियल टाइम इंटेलिजेंस शेयरिंग सिस्टम के जरिए चलाया गया था। इसमें केंद्रीय एजेंसियों के साथ उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, कर्नाटक, गुजरात, बिहार, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और केरल की पुलिस शामिल रही।
विभिन्न राज्यों से हिरासत में लिए गए संदिग्धों के आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 62 लोगों को पकड़ा गया। इसके अलावा हरियाणा में 52, दिल्ली में 51 और पंजाब में 44 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। वहीं, राजस्थान में 15, महाराष्ट्र में 8, उत्तराखंड में 5, जबकि कर्नाटक, गुजरात और बिहार में तीन-तीन लोगों को पकड़ा गया। तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और केरल से दो-दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।
टारगेट किलिंग और ग्रेनेड हमलों की थी साजिश
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, शहजाद भट्टी नेटवर्क सीधे तौर पर पाकिस्तान से संचालित होता है और इसे ISI का समर्थन प्राप्त है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क देश के अलग-अलग हिस्सों में ग्रेनेड, आईईडी और पेट्रोल बम से हमलों के साथ टारगेट किलिंग की योजना बना रहा था।
स्थानीय युवाओं को पैसों का लालच देकर पुलिस प्रतिष्ठानों, सैन्य ठिकानों और प्रमुख धार्मिक स्थलों की रेकी कराई जाती थी। इन संवेदनशील इलाकों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वहां गुप्त रूप से सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए थे। इस नेटवर्क के खिलाफ अब तक 80 से अधिक एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।
कड़े कानूनों के तहत मुकदमे दर्ज
पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ आतंकवाद और देशविरोधी गतिविधियों से निपटने के लिए कड़े कानूनी प्रावधानों के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें यूएपीए (UAPA), भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस (NDPS) एक्ट और एक्सप्लोसिव सब्सटेंसेज एक्ट शामिल हैं। गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सीमा पार से संचालित होने वाले आतंकवाद के प्रति सरकार की नीति 'जीरो टॉलरेंस' की है और इस नेटवर्क से जुड़े बाकी चेहरों को बेनकाब करने के लिए आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
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