जयपुर में अगले साल तक दौड़ेंगी 1000 इलेक्ट्रिक बसें
राजधानी जयपुर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड ने शहर को चरणबद्ध तरीके से पूरी तरह इलेक्ट्रिक बसों वाले नेटवर्क में बदलने की तैयारी शुरू कर दी है। योजना के मुताबिक अगले साल जुलाई तक जयपुर की सड़कों पर करीब 1000 इलेक्ट्रिक बसें दौड़ने लगेंगी। वर्तमान में जेसीटीएसएल करीब 200 डीजल बसों का संचालन कर रहा है, लेकिन अब नई डीजल बसें नहीं खरीदी जाएंगी। आने वाले वर्षों में जयपुर का सार्वजनिक परिवहन पूरी तरह ग्रीन ट्रांसपोर्ट सिस्टम की दिशा में आगे बढ़ेगा।
फिलहाल सीमित संख्या में बसें होने के कारण जेसीटीएसएल की सेवा शहर के प्रमुख मार्गों तक ही सीमित है। 1000 इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा तैयार होने के बाद आगरा रोड, अजमेर रोड, जगतपुरा, दिल्ली रोड, पृथ्वीराज नगर, सीकर रोड सहित आसपास के कई क्षेत्रों में भी नियमित बस सेवा का विस्तार किया जाएगा। इससे लोगों की निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी और शहर में प्रदूषण भी घटेगा।
पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत इलेक्ट्रिक बसों की आपूर्ति शुरू हो चुकी है। पहले चरण में 150 ई-बसें अगस्त तक मिलने की संभावना है, जबकि दूसरे चरण में 300 बसें उपलब्ध होंगी। इसके अलावा 450 नई ई-बसों के लिए टेंडर जारी किए गए हैं और राज्य सरकार की बजट घोषणा के तहत 50 अतिरिक्त बसें भी शामिल होंगी। इस तरह अगले साल जुलाई तक जेसीटीएसएल के बेड़े में करीब 1000 इलेक्ट्रिक बसें शामिल हो जाएंगी।
विशेषज्ञों के मुताबिक जयपुर की बढ़ती आबादी और जरूरतों को देखते हुए शहर को करीब 2200 बसों की आवश्यकता है। इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार से न केवल यात्रियों को आरामदायक और आधुनिक परिवहन सुविधा मिलेगी, बल्कि डीजल बसों से होने वाले प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। आपको बता दे ई-बसें कम शोर करती हैं, जिससे ध्वनि प्रदूषण भी घटेगा। जेसीटीएसएल का लक्ष्य जयपुर को सुरक्षित, पर्यावरण अनुकूल और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था वाला शहर बनाना है।
