एनएसयूआई नेता ऋतु बराला से मारपीट के मामले में जयपुर पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय के बाहर पिछले तीन दिनों से चल रहा कांग्रेस का धरना बुधवार को समाप्त हो गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने पुलिस पर कोई कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए अब अदालत का रुख करने का ऐलान किया है।
जयपुर कमिश्नरेट परिसर में तीन दिन तक चले इस धरने के बाद कांग्रेस नेताओं ने साफ किया कि पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर सुनवाई न होने के कारण अब न्यायिक रास्ते से ही मामले में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
डोटासरा का सवाल- केरल में जीरो एफआईआर, राजस्थान में क्यों नहीं?
धरना समाप्त करने की घोषणा करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि तीन दिन पहले जब वे ऋतु बराला मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचे थे, तब थाना प्रभारी ने उन्हें बताया था कि पुलिस कमिश्नर खुद इस पर रिपोर्ट दर्ज करेंगे। इसके बाद जब कमिश्नर से बातचीत की गई, तो उन्होंने केवल इंतजार करने की बात कही।
डोटासरा ने कहा- "पुलिस ने अब लिखित में यह अजीब तर्क दिया है कि देश में कहीं भी जीरो एफआईआर दर्ज नहीं हो सकती। जबकि हकीकत यह है कि इसी कानून के तहत केरल में शून्य एफआईआर दर्ज की गई थी। फिर राजस्थान पुलिस इस प्रावधान को लागू करने से क्यों बच रही है?" उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में दिल्ली से सीधा दबाव है, जिसके चलते कानून की गलत व्याख्या की जा रही है। अब पार्टी अदालत के जरिए यह तय कराएगी कि देश का एक ही कानून अलग-अलग राज्यों में अलग तरीके से कैसे लागू हो सकता है।
टीकाराम जूली का हमला- अधिकारियों पर बीजेपी के एजेंट की तरह काम करने का आरोप
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी प्रशासनिक मशीनरी पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पार्टी ने अब कानूनी लड़ाई लड़ने का पक्का मन बना लिया है। दिल्ली पुलिस के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के साथ-साथ उन स्थानीय अधिकारियों के खिलाफ भी कानूनी कदम उठाए जाएंगे, जिन्होंने इस पूरे घटनाक्रम में कोई कार्रवाई नहीं की।
जूली ने आरोप लगाया कि जो अधिकारी सत्ताधारी दल के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं और कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने पंचायत चुनावों का जिक्र करते हुए सत्ता पक्ष पर निशाना साधा और कहा कि निकाय चुनावों की तर्ज पर इन चुनावों में भी गड़बड़ी की उम्मीद थी, लेकिन जनता का रुख अलग है।
कमिश्नर दफ्तर में सीढ़ियों से फिसले डोटासरा, पैर में आई चोट
धरने के दौरान कमिश्नरेट परिसर में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब गोविंद सिंह डोटासरा सीढ़ियों से फिसलकर गिर पड़े। इस हादसे में उनके पैर में चोट आई, जिसके बाद फौरन डॉक्टरों की टीम को बुलाकर उनकी मेडिकल जांच कराई गई।
इस घटना के बाद टीकाराम जूली ने कमिश्नरेट की व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की तानाशाही और प्रशासनिक लापरवाही के कारण धरने पर बैठे नेताओं और कार्यकर्ताओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। यहां तक कि कमिश्नरेट परिसर में वॉशरूम तक पर ताले जड़ दिए गए थे, जिससे स्थिति और असहज हो गई।
