पाकिस्तान की सीमा से सटे जैसलमेर की पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय वायुसेना का एक सप्ताह तक चला 'रोटर क्लैप' युद्धाभ्यास संपन्न हो गया है। इस अभ्यास का मुख्य फोकस आधुनिक युद्धक्षेत्र में ड्रोन हमलों से निपटने और हवा में ही उन्हें नेस्तनाबूद करने की क्षमता को परखना था।
लाइव लोकेशन ट्रैक कर मार गिराए ड्रोन
युद्धाभ्यास के दौरान वायुसेना के अत्याधुनिक हेलीकॉप्टरों ने युद्ध जैसे हालात में दुश्मन के ड्रोन की लाइव लोकेशन का पता लगाया। इसके बाद उन्हें हवा में ही सटीक निशाना बनाकर नष्ट करने का अभ्यास किया गया। वर्तमान सामरिक परिदृश्य में बढ़ते ड्रोन खतरों को देखते हुए वायुसेना अपनी काउंटर-ड्रोन क्षमताओं को लगातार मजबूत कर रही है।
हेलीकॉप्टरों की युद्धक क्षमता की परख
एक हफ्ते तक चले इस युद्धाभ्यास में वायुसेना के विभिन्न हेलीकॉप्टरों ने हिस्सा लिया। क्रू सदस्यों ने आपसी तालमेल का परिचय देते हुए जटिल परिस्थितियों में अभियानों को अंजाम दिया। इससे पहले फरवरी में इसी रेंज में 'वायु शक्ति-2026' अभ्यास हुआ था, जिसमें लड़ाकू विमानों और ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट ने भी ताकत दिखाई थी, जबकि 'रोटर क्लैप' का पूरा फोकस हेलीकॉप्टरों के जरिए ड्रोन रोधी अभियानों पर रहा।
