झाबुआ जिले के राणापुर विकासखंड के चुई गांव में एक कुएं से तीन मासूम बच्चों के शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। हादसे और हत्या की आशंका के बीच पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। मृतकों की पहचान 9 वर्षीय विवेक (पिता महेश राठौड़), 8 वर्षीय मयंक (पिता शैलेश चौहान) और 9 वर्षीय विजय (पिता बाबू चंगोड़) के रूप में हुई है। घटना के बाद से तीनों परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।
मंगलवार देर शाम पटेल फलिया स्थित एक कुएं से शव मिलने की सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए थे। करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकाला गया। इस दौरान बच्चों के क्षत-विक्षत हालत में मिलने से गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कुछ ग्रामीणों ने इस घटना को बलि की आशंका से भी जोड़कर देखा, हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अब तक ऐसा कोई आधिकारिक तथ्य सामने नहीं आया है जो इस बात की पुष्टि करता हो।
पुलिस और प्रशासन की जांच जारी
सूचना मिलते ही तहसीलदार राजेंद्र चौहान और राणापुर थाना प्रभारी श्रीराम मंडलोई पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार ने भी मौके का निरीक्षण किया और स्थानीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस ने शवों को बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम कराया है और मौत के असली कारणों का पता लगाने के लिए विसरा सुरक्षित कर प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।
बुधवार को झाबुआ विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया जिला अस्पताल पहुंचे और शोकाकुल परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने अधिकारियों से चर्चा कर घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की। इस दौरान भाजपा जिला महामंत्री सोमसिंह सोलंकी, दिलीपसिंह नलवाया, कांग्रेस नेता रमेश मेड़ा, कैलाश डामोर, सुरेश समीर और विष्णु पंचाल सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी पीड़ित परिवारों से मिलकर सांत्वना दी।
अब विसरा रिपोर्ट का इंतज़ार
थाना प्रभारी श्रीराम मंडलोई के मुताबिक, बच्चों का पोस्टमार्टम पूरा हो चुका है और फॉरेंसिक जांच के लिए विसरा रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि शुरुआती हालात और साक्ष्यों के आधार पर दुर्घटना समेत हर संभावित एंगल की जांच की जा रही है। अब यह पूरी तरह विसरा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर निर्भर है कि बच्चों की मौत किन परिस्थितियों में हुई थी।
