केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने शनिवार को जोधपुर में पेयजल और बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने दावा किया कि जोधपुर लिफ्ट कैनाल परियोजना के तीसरे चरण का काम अंतिम दौर में है और अगले तीन से चार महीनों में शहर को इसका पानी मिलने लगेगा।

लिफ्ट कैनाल: बाधाएं दूर, जलापूर्ति में होगा सुधार

गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि परियोजना के तीसरे चरण में अब केवल मुख्य नहर के ऊपर पुलनुमा संरचना बनाकर पाइपलाइन बिछाने का तकनीकी कार्य शेष है। उन्होंने कहा, "अगले एक महीने में यह कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।" मंत्री ने पिछली कांग्रेस सरकार पर परियोजना को वर्षों तक लटकाने और वन एवं रेलवे की स्वीकृतियां न लेने का आरोप लगाया।

पेयजल संकट से निपटने के लिए उन्होंने जलशक्ति मंत्री रहते हुए स्वीकृत चार अतिरिक्त जलाशयों का जिक्र किया। इनमें फलसूंड जलाशय में पानी भरना शुरू हो चुका है, जबकि शेष जलाशयों में भी जल्द ही पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। एक जलाशय से जुड़े राजस्व विवाद को सुलझाने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।

यमुना जल समझौता: शेखावाटी को मिलेगी राहत

यमुना जल समझौते पर चर्चा करते हुए शेखावत ने कहा कि दशकों से हरियाणा और राजस्थान के बीच फंसा पानी का मुद्दा भजनलाल शर्मा सरकार के गठन के 15 दिनों के भीतर सुलझा लिया गया। इसकी डीपीआर तैयार हो चुकी है। इस समझौते के लागू होने से शेखावाटी और हरियाणा के सीमावर्ती क्षेत्रों में जल संकट का स्थायी समाधान निकलेगा।

जोधपुर एयरपोर्ट: 10 गुना बढ़ी क्षमता

जोधपुर एयरपोर्ट के विस्तार पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह परियोजना पश्चिमी राजस्थान के विकास की आधारशिला है। वर्ष 2014 तक यहां एक समय में केवल दो विमान खड़े करने की क्षमता थी और खराब मौसम में विमानों का उतरना चुनौतीपूर्ण था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किए गए विस्तार के बाद अब यहां एक साथ 12 विमान खड़े किए जा सकेंगे। यात्री क्षमता में लगभग दस गुना वृद्धि हुई है। भविष्य की 35 वर्षों की जरूरतों को देखते हुए इसे आधुनिक तकनीक से तैयार किया गया है। 4 जुलाई को प्रधानमंत्री द्वारा इसका लोकार्पण किया जाएगा, जिससे क्षेत्रीय हवाई संपर्क और पर्यटन को नई गति मिलेगी।