जयपुर के जवाहर कला केंद्र (JKK) में मंगलवार को 29वें राष्ट्रीय लोक कला महोत्सव 'लोकरंग-2026' की रंगारंग शुरुआत हुई। 11 दिनों तक चलने वाले इस महाकुंभ में देश के 22 राज्यों के कलाकार अपनी पारंपरिक कला, संगीत और नृत्य के जरिए क्षेत्रीय संस्कृतियों की अनूठी छटा बिखेर रहे हैं।
महोत्ศव का औपचारिक शुभारंभ जवाहर कला केंद्र की महानिदेशक शुचि त्यागी, अतिरिक्त महानिदेशक गोपाल राम बिरदा और आईएएस अधिकारी मनीषा अरोड़ा ने किया। उद्घाटन समारोह की शुरुआत ‘आओ आओ रे’ पारंपरिक गीत की गूंज के साथ हुई। इसके तुरंत बाद मांगणियार कलाकारों के साथ मंच पर उतरे नन्हे बच्चों ने खड़ताल की थाप पर प्रस्तुति देकर दर्शकों का ध्यान खींचा।
शिल्पग्राम में हस्तशिल्प मेले की रौनक
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ जेकेके के शिल्पग्राम परिसर में राष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला भी शुरू हुआ है। इस मेले में देश भर से आए करीब 150 शिल्पकार अपने पारंपरिक हुनर और उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं। हस्तनिर्मित वस्तुओं और पारंपरिक शिल्पकला को देखने के लिए बड़ी संख्या में कलाप्रेमी पहुंच रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर शिल्पकारों को अपनी कला के प्रसार का बड़ा मंच मिला है।
6 नवंबर तक सजेगी लोक कलाओं की महफिल
यह 11 दिवसीय महोत्सव 6 नवंबर तक जारी रहेगा। इस दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे कलाकार अपनी क्षेत्रीय जीवनशैली और परंपराओं को नृत्य और संगीत के जरिए जीवंत कर रहे हैं। आयोजन का मुख्य उद्देश्य विभिन्न राज्यों की लोक कलाओं को एक मंच पर लाकर सांस्कृतिक सेतु तैयार करना है, ताकि देश की विविधता में एकता का संदेश मजबूत हो सके।
