देवली नगर पालिका में वार्षिक लाइट रिपेयर टेंडर को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक खींचतान तेज हो गई है। करीब सवा महीने पहले गठित हुए नए बोर्ड में 48 लाख रुपये के नए टेंडर को लेकर नगर पालिका अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। उपाध्यक्ष ने नए प्रस्ताव पर सवाल उठाते हुए इसे बोर्ड के फैसलों के खिलाफ बताया है।
पालिका कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपाध्यक्ष नेमीचंद जैन ने इस पूरे मामले पर गंभीर सवाल उठाए। उनके साथ इस दौरान पार्षद ललित तेजी और विनोद तेजी भी मौजूद रहे।
5.72 लाख के मुकाबले 48 लाख का टेंडर
उपाध्यक्ष नेमीचंद जैन के मुताबिक, वर्तमान में शहर में लाइट रिपेयर का सालाना ठेका करीब 5.72 लाख रुपये का चल रहा है। इसके मुकाबले नया टेंडर लगभग 48 लाख रुपये का लाया गया है, जो पुराने रेट से करीब 7 गुना ज्यादा है।
उन्होंने आपत्ति जताते हुए कहा कि जब टेंडर में नए पोल या वायर लगाने का कोई प्रावधान ही नहीं है, तो इतनी भारी-भरकम राशि खर्च करने का कोई औचित्य नहीं बनता। जैन का कहना है कि इस महंगे टेंडर से नगर पालिका के वित्तीय संसाधनों पर अनावश्यक दबाव बढ़ेगा।
बैठक में निरस्त होने के बाद भी हस्ताक्षर का आरोप
उपाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पालिका बोर्ड की बैठक में इस टेंडर को सर्वसम्मति से निरस्त करने का प्रस्ताव पास किया गया था। इसके बावजूद अध्यक्ष के प्रतिनिधि पर आरोप है कि उन्होंने पार्षदों पर दबाव बनाकर इस महंगे टेंडर को पारित करवाने के लिए जबरन हस्ताक्षर करवाए हैं।
मामले की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए उपाध्यक्ष ने नगर पालिका से इस बैठक की आधिकारिक कार्यवाही और संबंधित जी-शेड्यूल (G-Schedule) की प्रतियां तुरंत सार्वजनिक करने की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
