Wednesday, 28 October 2026
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देवली नगर पालिका में 48 लाख के लाइट टेंडर पर घमासान: अध्यक्ष और उपाध्यक्ष आमने-सामने, पार्षदों पर दबाव का आरोप

संक्षेप में

देवली नगर पालिका में 48 लाख रुपये के नए वार्षिक लाइट रिपेयर टेंडर को लेकर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष आमने-सामने आ गए हैं। उपाध्यक्ष नेमीचंद जैन ने पुराने 5.72 लाख के ठेके की तुलना में 7 गुना अधिक राशि पर सवाल उठाते हुए अध्यक्ष प्रतिनिधि पर पार्षदों से दबाव बनाकर हस्ताक्षर करवाने का आरोप लगाया है।

मुख्य बातें

  • देवली नगर पालिका में 48 लाख रुपये के लाइट रिपेयर टेंडर पर विवाद शुरू हुआ है।
  • मौजूदा सालाना ठेका 5.72 लाख रुपये का है, जबकि नया टेंडर करीब 48 लाख का है।
  • उपाध्यक्ष नेमीचंद जैन ने बोर्ड बैठक में टेंडर निरस्त होने के बावजूद दबाव बनाकर हस्ताक्षर करवाने का आरोप लगाया है।
  • प्रेस वार्ता के दौरान पार्षद ललित तेजी और विनोद तेजी भी मौजूद रहे।
राज्य समाचार
देवली नगर पालिका में 48 लाख के लाइट टेंडर पर घमासान: अध्यक्ष और उपाध्यक्ष आमने-सामने, पार्षदों पर दबाव का आरोप

देवली नगर पालिका में वार्षिक लाइट रिपेयर टेंडर को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक खींचतान तेज हो गई है। करीब सवा महीने पहले गठित हुए नए बोर्ड में 48 लाख रुपये के नए टेंडर को लेकर नगर पालिका अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। उपाध्यक्ष ने नए प्रस्ताव पर सवाल उठाते हुए इसे बोर्ड के फैसलों के खिलाफ बताया है।

पालिका कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपाध्यक्ष नेमीचंद जैन ने इस पूरे मामले पर गंभीर सवाल उठाए। उनके साथ इस दौरान पार्षद ललित तेजी और विनोद तेजी भी मौजूद रहे।

5.72 लाख के मुकाबले 48 लाख का टेंडर

उपाध्यक्ष नेमीचंद जैन के मुताबिक, वर्तमान में शहर में लाइट रिपेयर का सालाना ठेका करीब 5.72 लाख रुपये का चल रहा है। इसके मुकाबले नया टेंडर लगभग 48 लाख रुपये का लाया गया है, जो पुराने रेट से करीब 7 गुना ज्यादा है।

उन्होंने आपत्ति जताते हुए कहा कि जब टेंडर में नए पोल या वायर लगाने का कोई प्रावधान ही नहीं है, तो इतनी भारी-भरकम राशि खर्च करने का कोई औचित्य नहीं बनता। जैन का कहना है कि इस महंगे टेंडर से नगर पालिका के वित्तीय संसाधनों पर अनावश्यक दबाव बढ़ेगा।

बैठक में निरस्त होने के बाद भी हस्ताक्षर का आरोप

उपाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पालिका बोर्ड की बैठक में इस टेंडर को सर्वसम्मति से निरस्त करने का प्रस्ताव पास किया गया था। इसके बावजूद अध्यक्ष के प्रतिनिधि पर आरोप है कि उन्होंने पार्षदों पर दबाव बनाकर इस महंगे टेंडर को पारित करवाने के लिए जबरन हस्ताक्षर करवाए हैं।

मामले की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए उपाध्यक्ष ने नगर पालिका से इस बैठक की आधिकारिक कार्यवाही और संबंधित जी-शेड्यूल (G-Schedule) की प्रतियां तुरंत सार्वजनिक करने की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

देवली नगर पालिका में विवाद का मुख्य कारण क्या है?

विवाद करीब 48 लाख रुपये के नए वार्षिक लाइट रिपेयर टेंडर को लेकर है, जिस पर उपाध्यक्ष ने आपत्ति जताई है।

पुराने और नए टेंडर की राशि में कितना अंतर है?

मौजूदा लाइट रिपेयर का ठेका सालाना करीब 5.72 लाख रुपये का है, जबकि नया टेंडर लगभग 48 लाख रुपये का लाया गया है, जो पुराने रेट से करीब 7 गुना अधिक है।

उपाध्यक्ष नेमीचंद जैन ने क्या मुख्य आरोप लगाए हैं?

उपाध्यक्ष ने आरोप लगाया है कि बोर्ड बैठक में टेंडर निरस्त होने के बावजूद अध्यक्ष प्रतिनिधि ने पार्षदों पर दबाव डालकर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपाध्यक्ष के साथ कौन-कौन पार्षद मौजूद थे?

प्रेस वार्ता के दौरान पार्षद ललित तेजी और विनोद तेजी भी उपाध्यक्ष के साथ मौजूद रहे।