हरफनमौला कलाकार किशोर कुमार की रूह आज भी खंडवा में बसती है...उनकी यादें आज भी यहां के लोगों के दिलों में जिंदा हैं। किशोर कुमार के जन्मदिन पर खंडवा स्थित उनकी समाधि पर विशेष पूजा-अर्चना की गई और दूध-जलेबी का भोग लगाया गया। देशभर से पहुंचे उनके चाहने वालों ने समाधि पर नमन कर किशोरदा को श्रद्धांजलि दी।किशोर कुमार के प्रति लोगों की दीवानगी का आलम ये है कि उनके प्रशंसक कहते हैं—“दूध-जलेबी यहां खाएंगे और खंडवा में ही बस जाएंगे...” किशोर कुमार के चाहने वालों ने उनके लोकप्रिय गीत गाकर उन्हें याद किया और अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।4 अगस्त को किशोर कुमार के जन्मदिन के मौके पर खंडवा स्थित उनकी समाधि पर देशभर से प्रशंसकों का जमावड़ा देखने को मिला। किशोरदा के चाहने वालों की एक ही इच्छा थी— उनकी समाधि पर पहुंचकर उन्हें नमन करना, उनके लिए गीत गाना और अपने अंदाज में उन्हें श्रद्धांजलि देना।यही वजह है कि जन्मदिन के मौके पर देश के अलग-अलग हिस्सों से प्रशंसक खंडवा पहुंचे और किशोर कुमार की समाधि पर दूध-जलेबी का भोग लगाकर उन्हें याद किया।निमेष भंसाली आज भी किशोर कुमार को जीते है उन्होंने कहा कि—खंडवा मतलब किशोर कुमार और किशोर कुमार मतलब खंडवा। किशोरदा आज भी यहां के लोगों के दिलों में जिंदा हैं और उनकी यादें कभी खत्म नहीं हो सकतीं।वहीं मुंबई से खंडवा पहुंचे किशोर कुमार प्रशंसक राजेंद्र तिवारी ने कहा कि किशोर कुमार को पूरी दुनिया जिस तरह चाहती है, उसे देखते हुए खंडवा रेलवे स्टेशन पर किशोर कुमार की भव्य प्रतिमा लगाई जानी चाहिए।किशोर कुमार भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी आवाज, उनके गीत और खंडवा से उनका रिश्ता आज भी लोगों के दिलों में उसी तरह जिंदा है।
किशोर कुमार के जन्मदिन पर उमड़ा प्यार
मध्य प्रदेश
