Wednesday, 28 October 2026
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करवा चौथ 2024: 29 अक्टूबर को रखा जाएगा व्रत, नोट करें पूजा का शुभ मुहूर्त और पारंपरिक कथा

संक्षेप में

इस साल करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर, गुरुवार को रखा जाएगा। पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:48 से 6:56 तक रहेगा, जिसमें भगवान गणेश, मां गौरी और करवा माता की पूजा का विधान है।

मुख्य बातें

  • करवा चौथ 29 अक्टूबर, गुरुवार को मनाया जाएगा
  • पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:48 से 6:56 तक है
  • व्रत की शुरुआत सूर्योदय से पहले सरगी खाकर होती है
धर्म
करवा चौथ 2024: 29 अक्टूबर को रखा जाएगा व्रत, नोट करें पूजा का शुभ मुहूर्त और पारंपरिक कथा

इस साल करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर, गुरुवार को मनाया जाएगा। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए सूर्योदय से चंद्रोदय तक निर्जला उपवास रखती हैं। व्रत की परंपरा सुबह सूर्योदय से पहले सरगी खाने के साथ शुरू होती है।

दिनभर बिना जल के रहने के बाद, शाम के समय भगवान गणेश, माता गौरी और करवा माता की विशेष पूजा की जाती है। इस दौरान महिलाएं व्रत कथा सुनती हैं और रात को चांद के दर्शन कर अर्घ्य देने के बाद ही अन्न-जल ग्रहण करती हैं।

करवा चौथ 2024: पूजा का शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, इस बार करवा चौथ की पूजा का मुख्य शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 48 मिनट से शुरू होकर 6 बजकर 56 मिनट तक रहेगा। लगभग एक घंटे और आठ मिनट की इस अवधि में माता गौरी और करवा माता की पूजा का विधान सबसे उत्तम माना गया है।

मंदिरों और घरों में महिलाएं इसी समयावधि में सामूहिक या पारिवारिक रूप से पूजा-अर्चना संपन्न करती हैं।

करवा चौथ व्रत कथा: साहूकार की बेटी करवा की पौराणिक कहानी

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, करवा चौथ की कथा के बिना व्रत का पूरा फल नहीं मिलता है। कथा के केंद्र में एक साहूकार की इकलौती बेटी करवा और उसके सात भाई हैं। करवा अपने सातों भाइयों की लाड़ली थी और परिवार में उसकी हर इच्छा का पूरा ध्यान रखा जाता था।

एक बार जब करवा अपने मायके आई हुई थी, तब उसने करवा चौथ का निर्जला व्रत रखा। शाम ढलने के बाद जब काफी समय तक चांद नजर नहीं आया, तो भूख-प्यास से बहन की हालत बिगड़ती देख भाइयों से रहा नहीं गया।

कृत्रिम चांद और व्रत का आरंभ

भाईयों ने अपनी बहन की तकलीफ दूर करने के लिए एक तरकीब निकाली। सबसे छोटे भाई ने घर के पास स्थित पीपल के पेड़ पर एक दीपक जलाया और उसे छलनी की ओट में रख दिया।

दूर से देखने पर रोशनी ऐसी प्रतीत हुई मानो आकाश में चांद निकल आया हो। भाई की इस चाल को सच मानकर करवा ने उसे ही चांद समझ लिया। उसने कृत्रिम रोशनी को अर्घ्य दिया और भोजन करने बैठ गई, जिसके बाद व्रत से जुड़ी पौराणिक कथाओं का क्रम आगे बढ़ता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

इस साल करवा चौथ कब है?

इस साल करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर, गुरुवार को रखा जाएगा। इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला उपवास रखती हैं।

करवा चौथ पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?

करवा चौथ पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:48 बजे से शाम 6:56 बजे तक रहेगा। इस दौरान भगवान गणेश, मां गौरी और करवा माता की पूजा की जाती है।

व्रत की शुरुआत कैसे होती है?

व्रत की शुरुआत सूर्योदय से पहले सरगी खाकर होती है, जिसके बाद पूरा दिन निर्जला उपवास रखा जाता है और रात को चांद को अर्घ्य देकर व्रत खोला जाता है।