Thursday, 29 October 2026
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करवा चौथ 2024: तस्वीर को निहारकर व्रत खोलेगी झुंझुनूं की वीरांगना मीना, सरहद पर शहीद हुए थे पति अजय सिंह चौधरी

संक्षेप में

झुंझुनूं के ढीगाल गांव की वीरांगना मीना ने सरहद पर शहीद हुए अपने पति अजय सिंह चौधरी की याद में करवा चौथ का व्रत रखा है। सेना पदक से सम्मानित अजय सिंह सिग्नल कोर में रेडियो ऑपरेटर थे, और वीरांगना मीना हर साल उनकी तस्वीर के सामने यह पर्व मनाती हैं।

मुख्य बातें

  • शहीद अजय सिंह चौधरी का जन्म 25 जून 1992 को हुआ था।
  • वे 2010 में सेना में भर्ती हुए और सिग्नल कोर में रेडियो ऑपरेटर थे।
  • अजय सिंह चौधरी को मरणोपरांत सेना पदक से सम्मानित किया गया था।
  • उनकी पत्नी मीना झुंझुनूं जिले के ढीगाल गांव की रहने वाली हैं।
राज्य समाचार
करवा चौथ 2024: तस्वीर को निहारकर व्रत खोलेगी झुंझुनूं की वीरांगना मीना, सरहद पर शहीद हुए थे पति अजय सिंह चौधरी

देशभर में सुहागिनें अपने पति की लंबी उम्र के लिए करवा चौथ का व्रत रख रही हैं। लेकिन झुंझुनूं के ढीगाल गांव की वीरांगना मीना के लिए यह पर्व वीरगति को प्राप्त जीवनसाथी की यादों के बीच गुजरता है। मीना ने परिवार की महिलाओं के साथ पूजा-अर्चना कर अपने शहीद पति की स्मृति में व्रत रखा है।

पूजा की थाली सजेगी और दीपक भी जलेंगे, लेकिन मीना के सामने पति के साक्षात दर्शन की बजाय उनकी तस्वीर होगी। 25 जून 1992 को जन्मे अजय सिंह चौधरी साल 2010 में सेना में भर्ती हुए थे। सिग्नल कोर में रेडियो ऑपरेटर के तौर पर सेवाएं देते हुए उन्होंने मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनके इस साहस और शौर्य के लिए उन्हें मरणोपरांत सेना पदक से सम्मानित किया गया था।

यादों के सहारे कट रहा जीवन

शहादत ने अजय सिंह को इतिहास में अमर कर दिया है, लेकिन परिवार में एक ऐसी शून्यता छोड़ दी है जिसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। करवा चौथ के दिन मीना की आंखें उसी चेहरे को तलाशती हैं, जिसे कभी सामने देखकर उन्होंने व्रत खोला था। तस्वीर भले ही खामोश रहती है, लेकिन उसमें कैद यादें हर साल इस पर्व पर जीवंत हो उठती हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

झुंझुनूं की वीरांगना मीना कौन हैं?

मीना झुंझुनूं जिले के ढीगाल गांव की रहने वाली वीरांगना हैं, जिनके पति अजय सिंह चौधरी देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गए थे।

शहीद अजय सिंह चौधरी सेना में किस पद पर थे?

अजय सिंह चौधरी साल 2010 में सेना में भर्ती हुए थे और सिग्नल कोर में रेडियो ऑपरेटर के रूप में सेवाएं दे रहे थे।

शहीद अजय सिंह चौधरी को कौन सा सम्मान मिला था?

मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान देने के लिए उन्हें मरणोपरांत सेना पदक से सम्मानित किया गया था।