Wednesday, 28 October 2026
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करवा चौथ व्रत के दौरान पीरियड्स शुरू होने पर क्या करें? जानिए सरगी, पूजा और अर्घ्य से जुड़े नियम

संक्षेप में

पीरियड्स के दौरान महिलाएं करवा चौथ का व्रत रख सकती हैं। यह शारीरिक स्वास्थ्य और व्यक्तिगत आस्था पर निर्भर करता है। इस दौरान कथा सुनने और पूजा में शामिल होने की अनुमति होती है, जबकि पूजा सामग्री छूने पर परिवार की परंपरा के अनुसार किसी सदस्य की मदद ली जा सकती है।

मुख्य बातें

  • पीरियड्स के दौरान भी महिलाएं करवा चौथ का व्रत रख सकती हैं।
  • मासिक धर्म में कथा सुनने और पूजा में शामिल होने की छूट होती है।
  • मूर्ति या पूजा सामग्री न छूने की स्थिति में परिवार के सदस्य की मदद ली जा सकती है।
धर्म
करवा चौथ व्रत के दौरान पीरियड्स शुरू होने पर क्या करें? जानिए सरगी, पूजा और अर्घ्य से जुड़े नियम

करवा चौथ का व्रत अखंड सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ रखा जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं पूरा दिन निर्जला उपवास रखती हैं। हालांकि, व्रत के दिन ही मासिक धर्म (पीरियड्स) शुरू हो जाने पर कई महिलाओं के मन में संशय पैदा हो जाता है कि इस स्थिति में उपवास जारी रखा जाए या नहीं, सरगी खाई जा सकती है या नहीं और चंद्रमा को अर्घ्य कैसे दिया जाए।

धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं के जानकारों के मुताबिक, पीरियड्स के दौरान भी करवा चौथ का व्रत रखना पूरी तरह संभव है। यह एक स्वाभाविक शारीरिक प्रक्रिया है, इसलिए व्रत रखना या न रखना पूरी तरह महिला की निजी आस्था, शारीरिक क्षमता और स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। यदि उपवास के दौरान कमजोरी या स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या महसूस हो, तो शरीर पर अतिरिक्त दबाव डालने से बचना चाहिए।

पूजा-पाठ और सरगी के नियम

मान्यताओं के अनुसार, मासिक धर्म के दिनों में महिलाएं करवा चौथ की कथा सुनने के साथ पूजा-पाठ में शामिल हो सकती हैं। हालांकि, कुछ परिवारों की परंपराओं में इस दौरान पूजा की थाली, करवा और देवी-देवताओं की मूर्तियों को सीधे स्पर्श करने से बचने की सलाह दी जाती है।

ऐसी स्थिति में महिलाएं घर के किसी अन्य सदस्य की सहायता से अनुष्ठान संपन्न करा सकती हैं। सरगी खाने को लेकर भी कोई रोकटोक नहीं है, क्योंकि यह व्रत की शुरुआत से पहले का खानपान है। हालांकि, अलग-अलग परिवारों और क्षेत्रों में पारिवारिक मान्यताओं के आधार पर इन नियमों के पालन के तरीके भिन्न हो सकते हैं।

चंद्रमा को अर्घ्य देने का तरीका

व्रत के अंत में चंद्र दर्शन और अर्घ्य देने की परंपरा मुख्य होती है। जिन घरों में मासिक धर्म के दौरान पूजा सामग्री या करवे को छूने की मनाही होती है, वहां पति या परिवार का कोई दूसरा सदस्य अर्घ्य देने की क्रिया में मदद कर सकता है। महिला चांद के दर्शन कर दूर से हाथ जोड़कर अपनी प्रार्थना पूरी कर सकती है। अर्घ्य देने की यह विधि पूरी तरह पारिवारिक और क्षेत्रीय परंपराओं पर आधारित होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या पीरियड्स के दौरान करवा चौथ का व्रत रख सकते हैं?

हाँ, मासिक धर्म के दौरान महिलाएं श्रद्धा के साथ करवा चौथ का व्रत रख सकती हैं। यह पूरी तरह महिला की आस्था और स्वास्थ्य पर निर्भर करता है, बशर्ते शरीर पर अनावश्यक दबाव न डाला जाए।

क्या पीरियड्स में करवा चौथ की कथा सुन सकते हैं?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पीरियड्स के दौरान महिलाएं कथा सुन सकती हैं और पूजा में शामिल हो सकती हैं, हालांकि कुछ परंपराओं में मूर्तियां या पूजा सामग्री सीधे छूने से परहेज किया जाता है।

मासिक धर्म के दौरान चंद्रमा को अर्घ्य कैसे दें?

यदि पूजा सामग्री छूने की मनाही हो, तो पति या परिवार का कोई सदस्य अर्घ्य देने में मदद कर सकता है। महिला चंद्रमा के दर्शन करके दूर से ही हाथ जोड़कर प्रार्थना कर सकती है।

क्या पीरियड्स के दौरान सरगी खाई जा सकती है?

हाँ, सरगी व्रत से पहले का खानपान है, जिसे पीरियड्स के दौरान भी खाया जा सकता है। यह पूरी तरह से व्यक्तिगत स्वास्थ्य और पारिवारिक परंपरा पर निर्भर करता है।