पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में शनिवार रात शुरू हुआ हंगामा रविवार को भी जारी है। यूनिवर्सिटी की एक छात्रा के साथ कथित रेप और उसके बाद आत्महत्या के आरोपों के बीच हजारों छात्र कैंपस और सड़कों पर उतर आए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने मामला दर्ज कर पांच सदस्यीय एसआईटी (SIT) का गठन किया है, जिसमें पांच छात्र प्रतिनिधि भी शामिल हैं।
हंगामे की शुरुआत शनिवार रात सोशल मीडिया पर एक मैसेज वायरल होने के बाद हुई। मैसेज में दावा किया गया कि एक बाहरी व्यक्ति ने गर्ल्स हॉस्टल में घुसकर छात्रा के साथ दुष्कर्म किया है। इसके बाद गुस्साए छात्र हॉस्टल के बाहर जमा हो गए और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों ने कैंपस में तोड़फोड़ की और एक हिस्से में आग लगा दी।
नेशनल हाईवे पर जाम और छात्रों की मांगें
गुस्साए छात्रों ने मुख्य गेट से बाहर निकलकर दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे पर धरना शुरू कर दिया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। छात्रों का आरोप है कि घटना की शिकायत वॉर्डन और मैनेजमेंट से की गई थी, लेकिन सुनवाई करने के बजाय छात्रा को घर भेज दिया गया।
छात्रों का दावा है कि दो दिन बाद जब छात्रा वापस हॉस्टल लौटी, तो उसने उसी रात छत से कूदकर जान दे दी। हालांकि, इन दावों और वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने स्पष्ट किया है कि एफआईआर की कॉपी मिलने के बाद ही हाईवे का जाम खोला जाएगा।
यूनिवर्सिटी प्रशासन का पक्ष और पुलिस कार्रवाई
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रा के साथ रेप के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें बेबुनियाद बताया है। प्रशासन ने छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। यह यूनिवर्सिटी भाजपा के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल की है।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर कैंप किए हुए हैं। डीआईजी नवीन सिंगला ने बताया कि छात्रों की मांग पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी गई है। जांच टीम में पांच छात्र सदस्यों को भी शामिल किया गया है ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रह सके।
