राजस्थान के युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार ने राजस्थान कौशल नीति 2025 के तहत भर्ती-प्रशिक्षण-तैनाती यानी आरटीडी मॉडल को लागू करने का फैसला किया है। कौशल एवं उद्यमिता विभाग की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की 50वीं बैठक में इस योजना को अंतिम प्रशासनिक मंजूरी दे दी गई है। इस मॉडल का उद्देश्य युवाओं को केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि उन्हें उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार कर सीधे रोजगार से जोड़ना है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का कहना है कि बदलती अर्थव्यवस्था और नई तकनीकों के दौर में युवाओं को आधुनिक कौशल से लैस करना जरूरी है और सरकार उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। योजना के तहत 18 वर्ष से अधिक आयु के बेरोजगार युवाओं का चयन किया जाएगा, जबकि नियमित रूप से स्कूल या कॉलेज में पढ़ रहे छात्र इसके पात्र नहीं होंगे। चयनित युवाओं को उद्योग आधारित प्रशिक्षण, ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग और व्यक्तित्व विकास से जुड़ा 120 घंटे का विशेष मॉड्यूल दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद थर्ड पार्टी द्वारा मूल्यांकन होगा और सफल अभ्यर्थियों को चयनित एजेंसियों के माध्यम से शत-प्रतिशत प्लेसमेंट उपलब्ध कराया जाएगा। योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए उद्योग-नेतृत्व, प्लेसमेंट एजेंसी-नेतृत्व, परियोजना कार्यान्वयन एजेंसी और विशेष परियोजना जैसे चार मॉडल तैयार किए गए हैं। सरकार का मानना है कि इस पहल से प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, उद्योगों को प्रशिक्षित मानव संसाधन मिलेगा और हजारों युवाओं को प्रशिक्षण के बाद सीधे नौकरी हासिल करने का मौका मिलने की उम्मीद है...
