मंदसौर की शिवना नदी और उसके घाटों पर प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान स्कूली बालक-बालिकाओं को बाढ़ जैसी आपात स्थिति में बचाव कार्यों और सुरक्षा उपायों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। प्रशिक्षण के दौरान बच्चों को सिखाया गया कि जलस्तर बढ़ने पर खुद को और दूसरों को कैसे सुरक्षित रखें तथा संकट के समय घबराने के बजाय सूझबूझ से कैसे काम लें।
बाढ़ के हालातों से निपटने की तैयारी
शिवना नदी के घाटों पर हुए इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य बच्चों को आपातकालीन परिस्थितियों के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार करना रहा। विशेषज्ञों ने बच्चों को नदी के तेज बहाव के बीच सुरक्षित रहने के तरीकों और बचाव उपकरणों के इस्तेमाल की जानकारी दी।
इस तरह के प्रशिक्षण शिविरों से युवाओं में आपदा के समय तुरंत फैसला लेने की क्षमता विकसित होती है। प्रशासन का मानना है कि सही समय पर मिलने वाली यह जानकारी किसी भी संभावित बड़े हादसे को टालने में मददगार साबित हो सकती है।
