Thursday, 22 October 2026
अभी का दौर

नेतन्याहू की ईरान को खुली चेतावनी: "जब तक मौजूदा शासन नहीं गिरता, खतरा बना रहेगा; इसे सत्ता से हटाकर ही दम लेंगे"

संक्षेप में

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि जब तक तेहरान का मौजूदा शासन पूरी तरह गिर नहीं जाता, खतरा बना रहेगा। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा ईरान पर हमला रोके जाने की मीडिया रिपोर्ट को खारिज किया और गाजा में सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद उठाने की बात कही।

मुख्य बातें

  • बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के मौजूदा शासन को पूरी तरह हटाने की चेतावनी दी है।
  • नेतन्याहू ने फाइनेंशियल टाइम्स की उस रिपोर्ट को खारिज किया जिसमें ट्रंप द्वारा हमला रोके जाने का दावा किया गया था।
  • इजराइल ने स्पष्ट किया कि गाजा में हमास के खिलाफ कार्रवाई की जिम्मेदारी उसे खुद उठानी पड़ी है क्योंकि कोई अंतरराष्ट्रीय सेना सामने नहीं आई।
देश विदेश
नेतन्याहू की ईरान को खुली चेतावनी: "जब तक मौजूदा शासन नहीं गिरता, खतरा बना रहेगा; इसे सत्ता से हटाकर ही दम लेंगे"

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा है कि तेहरान का वर्तमान शासन तब तक मध्य पूर्व के लिए स्थायी खतरा बना रहेगा जब तक उसे पूरी तरह सत्ता से बेदखल नहीं कर दिया जाता।

इजराइली चैनल 7 को दिए साक्षात्कार में नेतन्याहू ने दावा किया कि ईरान का शासन इस समय आंतरिक रूप से कमजोर हो चुका है और घुटनों पर आ गया है, लेकिन यदि इसे इस स्थिति में छोड़ दिया गया तो यह फिर से अपनी ताकत मजबूत कर लेगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस खतरे को समाप्त करने का एकमात्र विकल्प इस शासन का पतन है।

फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट को बताया झूठा

साक्षात्कार के दौरान नेतन्याहू ने 'फाइनेंशियल टाइम्स' के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस महीने की शुरुआत में ईरान पर इजराइली हमले को रोकने का निर्देश दिया था।

ट्रंप के किसी भी हस्तक्षेप के आदेश से इनकार करते हुए नेतन्याहू ने कहा- "मैं इस पक्षपाती रिपोर्टिंग को सही करने में अपना वक्त नहीं गंवाऊंगा।" हालांकि, इस मामले में उन्होंने और अधिक विस्तार से बात करने से परहेज किया।

गाजा में अंतरराष्ट्रीय सेना को लेकर अमेरिकी सहयोग पर टिप्पणी

गाजा के भविष्य और सुरक्षा प्रबंधन को लेकर नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने अमेरिकी सहयोगियों से स्पष्ट रूप से कह दिया है कि यदि वे हमास के हथियार जब्त करने के लिए किसी अंतरराष्ट्रीय बल की तैनाती करना चाहते हैं, तो वे ऐसा करके दिखाएं।

नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल ने लंबे समय तक ऐसी किसी तटस्थ अंतरराष्ट्रीय ताकत की तलाश की थी, लेकिन कोई सामने नहीं आया। इसी वजह से इजराइल को खुद यह सैन्य जिम्मेदारी उठानी पड़ी है।

परमाणु कार्यक्रम को लेकर तनाव

इजराइल और ईरान के बीच दशकों से चला आ रहा मुख्य विवाद ईरान के विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम को लेकर है। तेहरइल परमाणु संपन्न देश बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिसे इजराइल अपनी सुरक्षा के लिए प्रत्यक्ष खतरा मानता है।

नेतन्याहू और अमेरिकी नेतृत्व पहले भी कई बार दो टूक कह चुके हैं कि वे किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे। इसी उद्देश्य के तहत इजराइल अपने रणनीतिक कदम उठा रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के बारे में क्या बयान दिया है?

इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान का मौजूदा शासन तब तक खतरा बना रहेगा जब तक उसे पूरी तरह से सत्ता से हटाया नहीं जाता। उन्होंने कहा कि इस शासन को गिराकर ही दम लिया जाएगा।

नेतन्याहू ने किस मीडिया रिपोर्ट को झूठा बताया है?

नेतन्याहू ने 'फाइनेंशियल टाइम्स' की उस रिपोर्ट को पूरी तरह खारिज किया जिसमें दावा किया गया था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस महीने की शुरुआत में ईरान पर इजराइली हमले को रोका था।

गाजा में अंतरराष्ट्रीय सेना की तैनाती पर नेतन्याहू का क्या रुख है?

नेतन्याहू ने अमेरिकी सहयोगियों से कहा कि यदि वे हमास के हथियार जब्त करने के लिए कोई अंतरराष्ट्रीय सेना ढूंढ सकते हैं, तो उसे मैदान में लाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि लंबे प्रयासों के बाद भी ऐसी कोई ताकत न मिलने के कारण इजराइल को खुद यह जिम्मेदारी उठानी पड़ी है।

इजराइल और ईरान के बीच मुख्य विवाद का कारण क्या है?

दोनों देशों के बीच मुख्य विवाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर है। इजराइल का मानना है कि ईरान के परमाणु संपन्न बनने से उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा को बड़ा खतरा पैदा हो जाएगा।