Wednesday, 4 November 2026
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नेवाड़ी में 20 महीने से वेतन नहीं मिलने पर शिक्षकों का प्रदर्शन, हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद मानदेय पर गुजारा करने को मजबूर स्टाफ

संक्षेप में

निवाड़ी जिले के नेगुआ स्थित शास्त्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों को 20 महीने से वेतन न मिलने और केवल मानदेय दिए जाने का मामला सामने आया है। हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद वेतन न मिलने पर प्राचार्य ने जिला शिक्षा अधिकारी और जिला पंचायत सीईओ पर मनमानी के आरोप लगाए हैं।

मुख्य बातें

  • नेवाड़ी के नेगुआ स्थित शास्त्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों को 20 महीने से वेतन नहीं मिला है।
  • याचिका क्रमांक WP 39628/2024 में जबलपुर हाईकोर्ट ने वेतन भुगतान के निर्देश दिए थे।
  • प्राचार्य राजू पाठक ने डीईओ उन्मेष श्रीवास्तव और जिला पंचायत सीईओ रोहन सक्सेना पर वेतन रोकने के आरोप लगाए हैं।
  • कर्मचारियों का संविलियन अक्टूबर 2018 से अध्यापक संवर्ग के वेतनमान में हुआ था।
मध्य प्रदेश
नेवाड़ी में 20 महीने से वेतन नहीं मिलने पर शिक्षकों का प्रदर्शन, हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद मानदेय पर गुजारा करने को मजबूर स्टाफ

निवाड़ी जिले के नेगुआ स्थित शास्त्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक और कर्मचारी पिछले 20 महीने से नियमित वेतन न मिलने के कारण गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। दीपावली के पर्व पर भी वेतन की आस लगाए बैठे स्कूल स्टाफ को मानदेय पर गुजारा करना पड़ रहा है। मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना के आरोप सामने आए हैं।

हाईकोर्ट के आदेश और प्रशासनिक अमले की भूमिका

याचिका क्रमांक WP 39628/2024 के दस्तावेजों के मुताबिक, अध्यापक संवर्ग के वेतन भुगतान को लेकर उच्च न्यायालय जबलपुर ने स्पष्ट निर्देश दिए थे। इसके बावजूद शिक्षकों को नियमित वेतन देने के बजाय केवल मानदेय दिया जा रहा है। स्कूल के प्राचार्य राजू पाठक ने जिला शिक्षा अधिकारी उन्मेष श्रीवास्तव और जिला पंचायत सीईओ रोहन सक्सेना पर मनमाने तरीके से वेतन रोकने का आरोप लगाया है।

प्राचार्य राजू पाठक ने बताया कि कर्मचारियों का संविलियन अक्टूबर 2018 से अध्यापक संवर्ग के वेतनमान में हुआ था। शासन के 12 जून 2017 के आदेश के अनुसार सभी को नियमित भुगतान किया जा रहा था, लेकिन संबंधित अधिकारियों ने बिना किसी लिखित आदेश के इसे रोक दिया। इस मामले में जब हाईकोर्ट में सुनवाई हुई, तो अधिकारी वेतन रोकने का कोई ठोस दस्तावेज पेश नहीं कर पाए, जिसके बाद अवमानना से जुड़ी कार्रवाई भी शुरू की गई है।

दीपावली के मुहाने पर आर्थिक तंगी और शिक्षकों की मांग

शिक्षकों का कहना है कि वे पूरी निष्ठा के साथ शिक्षण कार्य में जुटे हैं, लेकिन पिछले डेढ़ साल से अधिक समय से वेतन के नाम पर केवल मानदेय मिलने से परिवार का भरण-पोषण मुश्किल हो गया है। त्योहार के समय भी खाली हाथ बैठे स्टाफ ने प्रशासन से उच्च न्यायालय के आदेशों का अविलंब पालन करने की मांग की है।

प्राचार्य और स्कूल स्टाफ ने मांग उठाई है कि वेतन भुगतान में आ रही बाधाओं को तुरंत दूर किया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। अब प्रशासनिक स्तर पर इन न्यायालयीन निर्देशों के अनुपालन और जवाबदेही तय होने पर सभी की नजरें टिकी हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

नेगुआ के स्कूल शिक्षकों को कितने समय से वेतन नहीं मिला है?

नेवाड़ी जिले के नेगुआ स्थित शास्त्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों को पिछले 20 महीने से नियमित वेतन नहीं मिला है, और उन्हें केवल मानदेय दिया जा रहा है।

इस मामले में उच्च न्यायालय का क्या आदेश है?

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर ने याचिका क्रमांक WP 39628/2024 में अध्यापक संवर्ग का वेतन भुगतान करने के निर्देश दिए थे, जिसके तहत 10 दिन में भुगतान होना था।

स्कूल के प्राचार्य ने किन अधिकारियों पर आरोप लगाए हैं?

स्कूल के प्राचार्य राजू पाठक ने जिला शिक्षा अधिकारी उन्मेष श्रीवास्तव और जिला पंचायत सीईओ रोहन सक्सेना पर बिना किसी लिखित आदेश के वेतन रोकने और मनमानी करने के आरोप लगाए हैं।

कर्मचारियों का संविलियन कब हुआ था?

कर्मचारियों का संविलियन अक्टूबर 2018 से अध्यापक संवर्ग के वेतनमान में किया गया था और शासन के 12 जून 2017 के आदेश के अनुसार नियमित भुगतान हो रहा था।