महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना यानि मनरेगा अब नए स्वरूप और नई पहचान के साथ 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू होगी। केंद्र सरकार ने इस योजना का नाम बदलकर 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सिर्फ रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित रहने के बजाय आजीविका, आधारभूत विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दिया   जाएगा। इसके लिए पंचायत स्तर पर 318 प्रकार के विकास कार्यों का विस्तृत एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है। योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को स्थानीय स्तर पर अधिक रोजगार उपलब्ध कराना, पलायन को रोकना और गांवों में स्थायी विकास कार्यों को गति देना है। नई व्यवस्था के तहत पात्र परिवारों को वर्ष में 125 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है, जिससे ग्रामीणों की आय बढ़ाने और आर्थिक सुरक्षा मजबूत करने में मदद मिलेगी।

नई योजना को चार प्रमुख श्रेणियों—रोजगार गारंटी, टिकाऊ बुनियादी ढांचा, आय में विविधता तथा सुरक्षा के साथ पारदर्शी एवं डिजिटल प्रबंधन—में विभाजित किया गया है। इसके तहत सड़क, तालाब, जल संरक्षण, सिंचाई, वृक्षारोपण, चारागाह विकास, जल स्रोतों का संरक्षण, ग्रामीण आधारभूत ढांचे का निर्माण और कृषि आधारित रोजगार जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही ग्रामीणों को छोटे-छोटे स्वरोजगार और आजीविका से जुड़े अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके। योजना के संचालन में डिजिटल तकनीक का अधिक उपयोग किया जाएगा, जिससे कार्यों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग, भुगतान प्रक्रिया और पारदर्शिता सुनिश्चित हो शासन की गाइडलाइन के मुताबिक सभी ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की कार्ययोजना तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है। वहीं 2 जुलाई से जिला स्तर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित कर नई योजना की औपचारिक शुरुआत की जाएगी और जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों तथा ग्रामीणों को इसके नए प्रावधानों और लाभों की जानकारी दी जाएगी। सरकार के अनुसार VB-GRAMJI के लागू होने से ग्रामीण रोजगार, आधारभूत विकास, कृषि आधारित आजीविका और आत्मनिर्भर गांवों के लक्ष्य को नई गति मिलेगी, साथ ही ग्रामीण परिवारों को पहले की तुलना में अधिक अवसर और बेहतर सुविधाएं मिलने में मदद मिलेगी।