स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा इस साल जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियाई खेलों (19 सितंबर से 4 अक्टूबर) में अपने स्वर्ण पदक का बचाव करते नजर आएंगे। एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) की चयन समिति के अध्यक्ष आदिल सुमारिवाला ने शनिवार को पुष्टि की कि दो बार के ओलंपिक पदक विजेता चोपड़ा कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियाई खेल, दोनों में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
चोट से उबरकर वापसी दोहा डायमंड लीग में 85.69 मीटर के थ्रो के साथ चौथे स्थान पर रहने वाले नीरज चोपड़ा फिलहाल कमर की चोट से उबर रहे हैं। सुमारिवाला ने कहा, "नीरज ने क्वालीफाई कर लिया है और रिकवरी अच्छी है। उन्होंने अपने पहले ही इवेंट में 85.69 मीटर का थ्रो किया, जो शानदार है। वे एशियाई और कॉमनवेल्थ, दोनों खेलों में हिस्सा लेंगे।" फेडरेशन ने चोपड़ा और उनके कोचिंग स्टाफ पर यह फैसला छोड़ दिया है कि वे प्रमुख टूर्नामेंटों से पहले किसी और प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे या नहीं।
एशियाई खेलों में कड़ी चुनौती चोपड़ा ने 2023 के हांगझू एशियाई खेलों में 88.88 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता था। इस बार जापान में उन्हें कड़ी चुनौती मिल सकती है। श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिराज ने इस साल 90 मीटर का आंकड़ा पार किया है, वहीं पाकिस्तान के ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम भी पदक की दौड़ में अहम दावेदार माने जा रहे हैं।
अहमदाबाद में वर्ल्ड चैंपियनशिप की दावेदारी सुमारिवाला ने यह भी बताया कि भारत 2029 या 2031 की वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप की मेजबानी की दौड़ में है। इसके लिए अहमदाबाद को दावेदार शहर के रूप में पेश किया गया है। वर्ल्ड एथलेटिक्स की टीम ने हाल ही में अहमदाबाद में इंफ्रास्ट्रक्चर, परिवहन और अन्य सुविधाओं का निरीक्षण किया है। मेजबान शहर का फैसला बुडापेस्ट में होने वाली 'वर्ल्ड एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप' के बाद लिया जाएगा। भारत को लंदन, म्यूनिख और केन्या जैसे देशों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है।
