Sunday, 25 October 2026
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ऑपरेशन सिंदूर: वायु सेना प्रमुख का बड़ा बयान, पश्चिमी मोर्चे पर 1200 किमी क्षेत्र में साधे गए सटीक निशाने

संक्षेप में

भारतीय वायुसेना प्रमुख एपी सिंह ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पश्चिमी मोर्चे पर 1,200 किमी क्षेत्र में सटीक हमले किए गए, जिससे साबित हुआ कि वायुसेना की पहुंच से कोई भी लक्ष्य बाहर नहीं है। यह अभियान पहलगाम हमले के जवाब में PoK में चलाया गया था।

मुख्य बातें

  • वायु सेना प्रमुख एपी सिंह ने पश्चिमी मोर्चे पर 1,200x200 किमी क्षेत्र में सटीक हमलों की पुष्टि की।
  • 6 मई 2025 को PoK में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था।
  • यह कार्रवाई 22 अप्रैल के पहलगाम हमले के जवाब में की गई थी, जिसमें 26 टूरिस्ट मारे गए थे।
  • 10 मई को भारत और पाकिस्तान के DGMO की बातचीत के बाद सैन्य कार्रवाई रोकी गई।
देश विदेश
ऑपरेशन सिंदूर: वायु सेना प्रमुख का बड़ा बयान, पश्चिमी मोर्चे पर 1200 किमी क्षेत्र में साधे गए सटीक निशाने

भारतीय वायुसेना ने पश्चिमी मोर्चे पर 1,200 किलोमीटर चौड़े और 200 किलोमीटर के दायरे में सटीक हमले करके अपनी मारक क्षमता का लोहा मनवाया है। वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने एक संबोधन के दौरान यह बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अभियान के बाद यह साबित हो चुका है कि देश की वायु शक्ति की पहुंच से अब कोई भी दुश्मन ठिकाना बाहर नहीं है।

ऑपरेशन सिंदूर और PoK में एयरस्ट्राइक

यह सैन्य कार्रवाई 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद शुरू की गई थी, जिसमें 26 पर्यटकों की जान चली गई थी। इसके जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने 6 मई 2025 को पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े 9 आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया था। सरकार के मुताबिक, इन सटीक हमलों में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए थे। इसके बाद, 10 मई को दोनों देशों के सैन्य अभियान महानिदेशकों (DGMO) के बीच हुई बातचीत के बाद सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी थी।

सफलता के पीछे एकीकृत रणनीति

एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के मुताबिक, इस ऑपरेशन की सफलता किसी एक हथियार या लड़ाकू विमान पर निर्भर नहीं थी। इसके पीछे कई सैन्य प्रणालियों का मिला-जुला योगदान रहा है। सटीक खुफिया जानकारी, इंटीग्रेटेड मिलिट्री नेटवर्क, दूर से मार करने वाले हथियार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम और ड्रोन रोधी क्षमताओं ने एक साथ मिलकर इस अभियान को अंजाम दिया। उन्होंने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम से सबसे बड़ा सबक यह मिला है कि सुरक्षा तंत्र को हमेशा कई विकल्प खुले रखने चाहिए और दुश्मन की रणनीति बदलते ही खुद को तेजी से ढालने की क्षमता होनी चाहिए।

भविष्य की तैयारी और विजन 2047

सेना प्रमुख ने आने वाले समय में वायुसेना की युद्धक क्षमता और दायरा बढ़ाने पर जोर दिया है। इसके तहत लड़ाकू विमानों और साजो-सामान की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ सर्विलांस, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित निर्णय प्रणालियों को मजबूत किया जा रहा है। भारतीय वायुसेना का यह विजन देश के 2047 तक 'विकसित भारत' बनने के राष्ट्रीय लक्ष्य से जुड़ा हुआ है। वायुसेना का लक्ष्य अगले दो दशकों में दुनिया की सबसे सक्षम, नवाचारी और तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर एयरोस्पेस ताकतों में शामिल होना है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

ऑपरेशन सिंदूर क्या था?

ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में चलाया गया सैन्य अभियान था, जिसके तहत 6 मई 2025 को PoK में आतंकियों के 9 ठिकानों पर सटीक हमले किए गए थे।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वायुसेना ने किस क्षेत्र में कार्रवाई की?

वायु सेना प्रमुख के अनुसार, भारतीय वायुसेना ने पश्चिमी मोर्चे पर 1,200 किलोमीटर चौड़े और 200 किलोमीटर के दायरे में सटीक हमले किए।

भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य कार्रवाई कब रोकी गई?

10 मई 2025 को दोनों देशों के DGMO के बीच बातचीत के बाद सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी थी।

2047 के लिए भारतीय वायुसेना का क्या लक्ष्य है?

वायुसेना का लक्ष्य 2047 तक दुनिया की सबसे सक्षम, नवाचारी और तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर एयरोस्पेस सेनाओं में शामिल होना है।