छिंदवाड़ा। पीओपी (प्लास्टर ऑफ पेरिस) से निर्मित मूर्तियों के विरोध में मंगलवार को प्रजापति कुंभार समाज के मूर्तिकारों एवं प्रतिनिधियों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर के नाम आवेदन सौंपा। समाज ने बाहर से लाई जा रही पीओपी की मूर्तियों पर रोक लगाने तथा प्रशासन के निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि कुछ दिन पूर्व एसडीएम द्वारा बैठक लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि पीओपी की मूर्तियां नहीं बनाई जाएंगी तथा 10 फीट से अधिक ऊंचाई की मूर्तियों का निर्माण भी नहीं किया जाएगा। स्थानीय मूर्तिकार प्रशासन के इन निर्देशों का पालन कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनके द्वारा न तो पीओपी की मूर्तियां बनाई जा रही हैं और न ही 10 फीट से अधिक ऊंचाई की मूर्तियों का निर्माण किया जा रहा है।मूर्तिकारों ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि महाराष्ट्र के अमरावती जिले से पीओपी से बनी करीब चार ट्रक मूर्तियां छिंदवाड़ा लाई गई हैं। समाज ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर बाहर से लाई गई पीओपी की मूर्तियों पर तत्काल रोक लगाई जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि पीओपी की मूर्तियां पर्यावरण के लिए भी नुकसानदायक हैं। विसर्जन के बाद ये मूर्तियां पानी में आसानी से नहीं घुलतीं, जिससे नदी, तालाब और अन्य जलस्रोतों के आसपास प्रदूषण की स्थिति बनती है। ऐसे में पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए पीओपी की मूर्तियों पर रोक जरूरी है।वहीं स्थानीय मूर्तिकारों ने कहा कि मूर्ति निर्माण का व्यवसाय उनके परिवारों की आजीविका का प्रमुख साधन है। बाहर से कम कीमत पर मूर्तियां आने से स्थानीय कारीगरों के व्यवसाय पर सीधा असर पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से स्थानीय मूर्तिकारों के हितों को ध्यान में रखते हुए बाहर से आने वाली पीओपी मूर्तियों की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।