Thursday, 1 October 2026
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राहुल गांधी का बालाघाट दौरा: कुपोषण से बच्चों की मौत पर सरकार को घेरा, लोकसभा में उठाने का ऐलान

संक्षेप में

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश के बालाघाट में बैगा आदिवासी परिवारों से मुलाकात की और कुपोषण-मलेरिया से बच्चों की मौत के मामले में सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने मुआवजा न मिलने और बुनियादी सुविधाओं के अभाव का आरोप लगाते हुए यह मुद्दा लोकसभा में उठाने की घोषणा की है।

मुख्य बातें

  • राहुल गांधी ने बालाघाट के बिरसा ब्लॉक के जगला गांव का दौरा किया।
  • पिछले 3 महीनों में बालाघाट में कुपोषण और मलेरिया से 32 आदिवासी बच्चों की मौत हुई है।
  • राहुल गांधी ने माटे प्राथमिक शासकीय स्कूल में बच्चों से मिड-डे मील की जानकारी ली।
  • मध्य प्रदेश की विधानसभा में कुल 84 सीटों पर आदिवासी मतदाताओं का सीधा प्रभाव है।
मध्य प्रदेश
राहुल गांधी का बालाघाट दौरा: कुपोषण से बच्चों की मौत पर सरकार को घेरा, लोकसभा में उठाने का ऐलान

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बिरसा ब्लॉक स्थित जगला गांव का दौरा किया। यहां उन्होंने बैगा आदिवासी परिवारों से मुलाकात कर पिछले कुछ महीनों में कुपोषण और मलेरिया से जान गंवाने वाले बच्चों के परिजनों से बात की। इस दौरान आसपास के गांवों से करीब डेढ़ हजार ग्रामीण पहुंचे थे। बालाघाट पहुंचने से पहले राहुल ने माटे प्राथमिक शासकीय स्कूल का भी निरीक्षण किया और बच्चों से मिड-डे मील की गुणवत्ता की जानकारी ली।

बच्चों की मौत और स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल

बालाघाट के आदिवासी बहुल इलाकों में पिछले तीन महीनों में कुपोषण और मलेरिया से 32 बच्चों की मौत का मामला सामने आया है। जगला गांव में करीब एक घंटे रुके राहुल गांधी ने पीड़ित परिवारों से बातचीत के बाद राज्य और केंद्र सरकारों पर गंभीर आरोप लगाए।

राहुल गांधी ने कहा- "बीमारी से निपटने में राज्य सरकार पूरी तरह नाकाम रही है। बच्चों की मौत के बावजूद पीड़ित परिवारों को पूरा मुआवजा तक नहीं मिला है, और आधे लोग अब भी इससे वंचित हैं।" उन्होंने कहा कि वे इस पूरे मुद्दे को संसद के आगामी सत्र में लोकसभा के पटल पर प्रमुखता से उठाएंगे।

वन अधिकार कानून और योजनाओं पर बात

दौरे के दौरान राहुल गांधी ने स्थानीय स्तर पर बुनियादी सुविधाओं और रोजगार के ठप होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में मनरेगा का काम पूरी तरह बंद पड़ा है, वन अधिकार कानून का सही से पालन नहीं हो रहा है और आदिवासियों को उनकी जमीनों के पट्टे नहीं मिल रहे हैं।

इसके अलावा, उन्होंने महिलाओं को मिलने वाली 'लाड़ली बहना योजना' को लेकर भी सरकार को घेरा। राहुल गांधी ने कहा कि एक योजना का लाभ मिलने पर दूसरी योजना की राशि काट ली जाती है, जबकि जरूरतमंदों को सभी पात्र योजनाओं का पूरा हक मिलना चाहिए। उन्होंने आदिवासियों को 'वनवासी' कहने के बजाय देश का मूल मालिक यानी 'आदिवासी' बताते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के मोर्चे पर उनका हक दिलाने के लिए संघर्ष करेगी।

राजनीतिक बयानबाजी और चुनावी समीकरण

राहुल गांधी के इस दौरे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। भारतीय जनता पार्टी ने इस दौरे को राजनीतिक माइलेज हासिल करने की कवायद करार दिया है।

मध्य प्रदेश की राजनीति में आदिवासी मतदाताओं की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है। राज्य की कुल आबादी में आदिवासियों की हिस्सेदारी 21.1% यानी हर पांचवां व्यक्ति है। विधानसभा की कुल 230 सीटों में से 47 सीटें अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित हैं, जबकि 37 अन्य सीटों पर भी आदिवासी वोटर हार-जीत तय करते हैं। इस तरह कुल 84 सीटों पर इस वर्ग का सीधा प्रभाव है। वहीं, लोकसभा की 29 सीटों में से 6 सीटें एसटी वर्ग के लिए आरक्षित हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश के किस गांव का दौरा किया?

राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बिरसा ब्लॉक स्थित जगला गांव का दौरा किया और बैगा आदिवासी परिवारों से मुलाकात की।

बालाघाट में बच्चों की मौत का मुख्य कारण क्या बताया गया है?

बालाघाट के आदिवासी इलाकों में पिछले तीन महीनों में कुपोषण और मलेरिया की वजह से 32 बच्चों की मौत हुई है।

मध्य प्रदेश में विधानसभा की कितनी सीटों पर आदिवासी मतदाताओं का प्रभाव है?

मध्य प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों में से 47 सीटें एसटी के लिए आरक्षित हैं और कुल 84 सीटों पर आदिवासी वोटर्स का सीधा प्रभाव माना जाता है।

राहुल गांधी ने दौरे के दौरान कौन सी प्रमुख मांगें उठाईं?

राहुल गांधी ने पीड़ित परिवारों को पूरा मुआवजा देने, वन अधिकार कानून के तहत जमीन के पट्टे बांटने, मनरेगा कार्य बहाल करने और क्षेत्र में स्कूल-अस्पताल बेहतर करने की मांग उठाई।